Publish Date: Thu, 12 Apr 2018 (16:55 IST)
Updated Date: Thu, 12 Apr 2018 (16:58 IST)
नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही में गतिरोध पैदा करने के कांग्रेस और अन्य दलों के रवैए के विरोध में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसद आज राष्ट्रव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ' उपवास पर हैं, जिसकी अगुवाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं। पूर्वाह्न 10 बजे से शुरू हुआ यह उपवास शाम पांच बजे तक चलेगा।
भाजपा की ओर से जारी एक वक्तव्य के अनुसार, कांग्रेस के अलोकतांत्रिक रवैए, विभाजनकारी राजनीति की प्रवृत्ति और विकास विरोधी एजेंडे को उजागर करने के लिए मोदी आज एक दिन का उपवास रखेंगे और इसके साथ-साथ अपने नियमित आधिकारिक कार्यों को करते रहेंगे। इस उपवास में उनका साथ पार्टी के सभी सांसद दे रहे हैं और इस दौरान देशभर में धरने दिए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री इस उपवास के दौरान ही चेन्नई के कांचीपुरम जिले में दसवें डिफेंस एक्पो का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में भारत की हथियार विनिर्माण क्षमता को दर्शाया गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने चेन्नई के अडयार में कैंसर संस्थान का दौरा भी किया। प्रधानमंत्री के इस उपवास में देशभर के भाजपा नेता, केंद्रीय मंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी हिस्सा ले रहे हैं।
शाह ने कर्नाटक के हुबली में धरना दिया। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, सत्ता से बाहर रहने के कारण पैदा हुई हताशा और कुंठा तथा अपनी लोकप्रियता के निम्नतर स्तर पर जाने के कारण कांग्रेस एक नियोजित रणनीति के तहत समाज में एक तरह का डर पैदा कर रही है और देश में भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है। समाज में नफरत और दरार पैदा करने के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी देश की शांति और सद्भावना को भी नुकसान पहुंचा रही है।
संसद का पूरा बजट सत्र, जिसमें आम आदमी के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मसलों पर विचार-विमर्श किया जाना था, वह कांग्रेस की गतिविधियों की वजह से पूरी तरह बाधित हुआ है। इस बीच कांग्रेस ने इस उपवास को लेकर प्रतिक्रिया करते हुए कहा, यह कुछ नहीं, बल्कि फोटो खिंचवाने और ड्रामा करने का मौका है। यह समय प्रधानमंत्री के उपवास पर बैठने का नहीं, बल्कि उनके रिटायरमेंट का है, यदि अभी नहीं तो 2019 के बाद उन्हें रिटायर होना ही है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा वाराणसी, रविशंकर प्रसाद पटना, मनोज सिन्हा गाज़ीपुर, राजनाथ सिंह और धर्मेन्द्र प्रधान दिल्ली में, निर्मला सीतारमण चेन्नई में, पीयूष गोयल ठाणे में, प्रकाश जावडेकर बेंगलुरु में, एमजे अकबर विदिशा और केजे अल्फांस केरल में उपवास कर रहे हैं। इनके अलावा अन्य मंत्री भी अलग-अलग स्थानों पर उपवास में हिस्सा ले रहे। (वार्ता)