Publish Date: Thu, 28 Dec 2017 (08:53 IST)
Updated Date: Thu, 28 Dec 2017 (09:07 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 0.2 प्रतिशत की कटौती की। यह कटौती जनवरी-मार्च अवधि के लिए है। इससे बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज में कमी कर सकते हैं।
दूसरी तरफ पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर 8.3 प्रतिशत पर बरकरार रखी गयी है। वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज दर तिमाही आधार पर दी जाती है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र (एनएससी), सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र (केवीपी) तथा पीपीएफ जैसी योजनाओं पर ब्याज दर कम की गई हैं।
हालांकि बचत जमा पर ब्याज दर को सालाना 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। पिछले वर्ष अप्रैल से लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में तिमाही आधार पर बदलाव किया जा रहा है। अधिसूचना के मुताबिक पीपीएफ तथा एनएससी पर ब्याज दर 7.6 प्रतिशत मिलेगी जबकि केवीपी पर 7.3 प्रतिशत होगी और यह 11 महीने में परिपक्व होगा।
बालिकाओं से जुड़ी बचत योजना सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दर 8.1 प्रतिशत होगी जो अभी 8.3 प्रतिशत है। एक से पांच साल की अवधि के लिए मियादी जमा पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 प्रतिशत होगी। यह ब्याज तिमाही आधार पर मिलेगा, वहीं आवर्ती जमा पर ब्याज दर 6.9 प्रतिशत होगी। मंत्रालय ने 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए ब्याज दर को अधिसूचित करते हुए कहा कि सरकार के फैसले के आधार पर लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है।
प्रत्येक तिमाही ब्याज दर निर्धारित किए जाने की घोषणा करते हुए मंत्रालय ने कहा था कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें सरकार के बांड के रिटर्न से जुड़ी होंगी। इस कदम के बाद बैंक अपनी जमाओं पर ब्याज दर में कमी कर सकते हैं।