Publish Date: Mon, 16 Oct 2023 (19:42 IST)
Updated Date: Mon, 16 Oct 2023 (19:49 IST)
India-Pakistan border : हालांकि सेना का मानना है कि फरवरी 2021 में सीमाओं पर सीजफायर के नवीनीकरण के उपरांत घुसपैठ थम सी गई थी, पर अब पाक सेना अपने यहां रूके पड़े आतंकियों को इस ओर धकेलने को जोर लगा रही है।
कश्मीर में पाक सीमा से सटे क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं के बाद सेना का कहना था कि अगले दो महीने एलओसी के लिए भारी साबित इसलिए हो सकते हैं क्योंकि पाक सेना अब सीजफायर के बावजूद घुसपैठ को कामयाब बनाने की खातिर कवर फायर भी देने लगी है, जिसके कारण सीजफायर दांव पर लगने लगा है।
सेना प्रवक्ता के बकौल, नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की घटनाएं कम तो हुई हैं पर जून से लेकर अब तक घुसपैठियों ने नाक में दम कर रखा है। यह बात अलग है कि सेना कहती थी कि अब आतंकियों को धकेलने के स्थान पर तस्करी के प्रयास ज्यादा हो रहे हैं जिनमें नशीले पदार्थों के अतिरिक्त गोला-बारूद भी लाने की कोशिश की जा रही है।
अगर आंकड़ों पर एक नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2020 में एलओसी पर 99 तथा 2021 में 73 घुसपैठ के प्रयास हुए थे, पर पिछले साल और अबकी बार यह फिर से रिकॉर्ड तोड़ने लगे हैं। कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह भी कई बार अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहते रहे हैं कि कश्मीर में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के लिए पाक सेना घुसपैठ पर जोर दे रही है।
ऐसा ही सेना की वज्र डिवीजन के जीओसी गिरीश कालिया का कहना था कि चाहे दोनों मुल्कों के बीच सीजफायर कायमाब हो रहा है, पर मिलने वाली सूचनाएं कहती हैं कि पाक सेना घुसपैठ को और बढ़ाने की खातिर अपनी योजनाओं पर काम कर रही है जिन्हें पछाड़ने की खातिर भारतीय सेना ने भी कमर कस ली है और वे मानते थे कि अगले दो महीने एलओसी पर भारी साबित हो सकते हैं।
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सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।....
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