Publish Date: Sun, 29 Jan 2017 (12:23 IST)
Updated Date: Sun, 29 Jan 2017 (12:27 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार का सतर्कता विभाग प्रचलन से बाहर हुए नोटों को प्रधानमंत्री राहत कोष को दान देने के मामले से निपटने का प्रयास कर रहा है और उसे दानदाता के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
दिल्ली सरकार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन दीपक के टंपी के पास एक लिफाफा आया, जिसमें यह स्पष्ट लिखा था कि यह धन प्रधानमंत्री राहत कोष में दान के लिए है। डीन ने यह पैकेट एक पत्र के साथ सतर्कता विभाग को भेज दिया।
पत्र में उन्होंने लिखा कि उन्हें उस पैकेट पर संदेह है जिसके अंदर दो लिफाफे हैं और उनमें से एक लिफाफे में 1000 और 500 रुपए के बंद हुए नोट रखे हैं जिनकी कुल राशि 23,500 है।
सतर्कता विभाग ने वित्त विभाग के लेखा विभाग से इसे बारे में विचार विमर्श किया है। सूत्रों ने बताया कि लेखा विभाग मामले पर विचार कर रहा है और अगले दो तीन दिन में इस पर अपनी राय देगा। अधिकारियों को शक है कि दानदाता वक्त रहते 23,500 रुपए के पुराने नोटों को बदल नहीं पाया होगा और इसी कारण उसने उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया होगा। (भाषा)