Publish Date: Sun, 01 Mar 2020 (10:04 IST)
Updated Date: Sun, 01 Mar 2020 (10:08 IST)
जम्मू। दक्षिण कश्मीर में बीते 22 दिनों में पांच युवकों के लापता होने से सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में आ गई हैं।सूत्रों के मुताबिक इन युवकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन मां के तहत उनके परिजनों की मदद ली जा रही है।
इससे पहले सुरक्षा एजेंसियां यही मानकर चल रही थी कि आतंकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भर्ती अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह और सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेकएस ढिल्लों ने भी कई बार दावा किया है कि अब वादी में स्थानीय युवक आतंकी संगठनों से दूर हो रहे हैं।
इन युवकों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की आशंका जतायी जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने इन सभी का पता लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इसमें इनके परिजनों व दोस्तों की भी मदद ली जा रही है।
यह पांचों लड़के बीते 22 दिनों में लापता हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक इन लड़कों की पहचान शाहिद अहमद अलेई, मोहसिन अहमद वानी, नवाज अहमद गनई, उवैस अहमद मीर और बिलाल अहमद वागे के रुप में हुई है। उन्होंने बताया कि 17वर्षीय शाहिद अहमद अलेई एक छात्र है। कुलगाम में खूल-दम्हालहांजीपोर से संबंध रखने वाला शाहिद सात फरवरी को श्रीनगर से ही लापता है। वह श्रीनगर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। अन्य चार लापता लड़कों में एक लैब टैक्निशियन और एक इलैक्ट्रिशियन है।
पुलिस ने इन पांचों युवकों के लापता होने की अलग अलग एफआइआर दर्ज की हैं। अधिकारिक तौर पर सभी पुलिस अधिकारी कहते हैं कि यह युवक लापता हैं और इनका पता लगाया जा रहा है।
अलबत्ता, दबे में कई अधिकारियों ने इन पांचों लड़कों के आतंकी संगठनों से जा मिलने की आशंका जताते हुए कहा कि इन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इनके परिजनों और दोस्तों की मदद से इनका पता लगाने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
एक अधिकारी ने अपना नाम न छापे जाने की शर्त पर कहा कि हम उन्हीं लड़कों के बारे में बात करते हैं, जिनके लापता होने की शिकायत दर्ज करायी जाती है, ऐसे भी कई लड़के हैं जो घरों से गायब हैं और उनके परिजन पुलिस तक नहीं पहुंचे हैं। इसलिए लापता होने वाले युवकों की संख्या ज्यादा हो सकती है जो चितां का विषय है।
शुक्रवार को श्रीनगर में जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी ने कहा था कि आतंकियों की संख्या पहले से कम हुई है। पुलिस अलग-अलग स्तर पर अमन बहाली के प्रयास को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कहा कि पूरी कोशिश है कि यहां पर पैदा हुई अमन और शांति की स्थिति को और मजबूत किया जा सके। पर इन पांचों की आतंकी गुटों के साथ जा मिलने की खबर बाहर आने के बाद पुलिस के दावे फिक्के पड़ने लगे हैं।
About Writer
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।....
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