Publish Date: Sun, 21 Oct 2018 (09:41 IST)
Updated Date: Sun, 21 Oct 2018 (10:10 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार की 75वीं सालगिरह के मौके पर रविवार को लाल किले पर तिरंगा फहराया। वह एक साल में दो बार लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए।
यह पहला था जब प्रधानमंत्री 15 अगस्त के अलावा किसी अन्य मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। इसी के साथ मोदी ने एक नई परंपरा की भी शुरुआत की।
इस अवसर पर मोदी ने आजाद हिंद फौज के 75 साल होने पर लोगों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी ने लाल किले से तिरंगा फहराने का ऐलान किया था। यहां तिरंगा फहराना मेरा सौभाग्य।
उन्होंने कहा कि नेताजी कभी अस्त न होने वाली सत्ता के खिलाफ लड़े। उनके मन में गुलाम भारत को लेकर काफी दुख था।
मोदी ने कहा कि सुभाष बाबू उन सेनानियों में रहे जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला और लक्ष्य के हिसाब से कदम उठाए। वह पहले गांधीजी के साथ कांग्रेस में रहे, फिर उन्होंने सशस्त्र क्रांति का रास्ता चुना। नेताजी से आजादी के लिए लड़ रहे दुनिया के कई मुल्कों ने प्ररेणा ली।
उन्होंने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी नेताजी का सपना पूरा नहीं हुआ है। भारत आगे बढ़ा है, लेकिन नई ऊंचाइयों पर पहुंचना बाकी है।
मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि एक परिवार को बड़ा बनाने के लिए कईयों का योगदान भुलाया गया। सरदार पटेल की तरह ही नेताजी के योगदान को भी कम करने का प्रयास किया गया। हमारे सरकार यह स्थिति बदलने का प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि सुभाष चंद्र बोस ने 1942 में अंग्रेजों से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए आजाद हिंद फौज का गठन किया था। इसके बाद बोस देश से बाहर चले गए। 21 अक्टूबर 1943 को उन्होंने सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार बनाई। बोस ही सरकार के प्रमुख थे।