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सियासत और सत्ता से बड़ा देश और समाज-नरेन्द्र मोदी

56 साल बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री का संबोधन

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PM Modi
अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय (AMU) के शताब्‍दी समारोह में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा...

-यह पहली बार है, जब 5 दशक से भी ज्यादा वक्त में कोई प्रधानमंत्री एएमयू के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी इस आयोजन में ऑनलाइन भाग लेंगे।
-इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री एक विशेष डाक टिकट भी जारी करेंगे। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने मोदी के प्रति आभार जताया और कहा कि शताब्‍दी समारोह में शामिल होने की उनकी स्‍वीकृति के लिए विश्‍वविद्यालय परिवार कृतज्ञ है।
-प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर विश्वविद्यालय में विवाद भी शुरू हो गया है। कुछ छात्र और शिक्षक प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का विरोध कर रहे हैं।
-उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय की स्थापना 1920 में हुई थी। साल 1964 में लाल बहादुर शास्त्री के बाद से यहां किसी भी प्रधानमंत्री ने भाषण नहीं दिया।

-AMU के वाइस चांसलर प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि एएमयू समुदाय विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री का आभारी है।
-उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय का और अधिक विकास होगा, जिससे छात्रों को निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में नियुक्ति में मदद मिलेगी।

-न्योता देने के लिए धन्यवाद।
-AMU देश की अमूल्य धरोहर। यह इमारत नहीं इतिहास है।
-AMU ने लाखों लोगों के जीवन को संवारा है।

--आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं।
-एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
-AMU ने समाज और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा जगाई।
-AMU ने कोरोनाकाल में हजारों लोगों की मदद की।
-लोगों का मुफ्त टेस्ट कराना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में एक बड़ी राशि का योगदान देना समाज के प्रति आपके दायित्यों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है। 
 

--मुझे बहुत से लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में एक शहर की तरह है।
-अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है।
-यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है।
-एएमयू में एक भारत श्रेष्‍ठ भारत की भावना मजबूत हो रही है। 

-पीएम मोदी ने कहा कि आज देश जो योजनाएं बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं।
-बिना भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए, 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला।
-सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास ये मंत्र मूल आधार है।
-देश की नीयत और नीतियों में यही संकल्प झलकता है।

-पहले मुस्लिम बेटियों को स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है।
-पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं।
-सरकार ने 1 करोड़ मुस्लिम लड़कियों को स्कॉलरशिप दी।

-नरेंद्र मोदी ने कहा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है।
-हमारे देश के युवा Nation First के आह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
-नए भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी को साथ आना होगा। AMU के छात्र नए भारत के निर्माण के लिए आगे आए।

-राष्‍ट्र के विकास को राजनीतिक चश्में से नहीं देखना चाहिए।
-सियासत से ऊपर देश का विकास। सियासत और समाज इंतजार कर सकते हैं। देश का विकास इंतजार नहीं कर सकता।
-समाज में कुछ लोगों के अपने स्वार्थ होते हैं।
-पिछली स्ताब्दी में मतभेदों में काफी वक्त जाया हुआ। 

-अब समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है।
-समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए।
-जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें।

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