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पीएम मोदी ने 1 लाख से ज्यादा बेटियों के खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपए, गिनाए 6 बड़े काम

हमें फॉलो करें पीएम मोदी ने 1 लाख से ज्यादा बेटियों के खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपए, गिनाए 6 बड़े काम
, मंगलवार, 21 दिसंबर 2021 (14:44 IST)
प्रयागराज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास के लिए, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो काम हुआ है, वो पूरा देश देख रहा है। अभी मुझे यहां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की 1 लाख से ज्यादा लाभार्थी बेटियों के खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर करने का सौभाग्य मिला।
 
महिलाओं को दी सुरक्षा : पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने यूपी की महिलाओं को जो सुरक्षा दी है, जो सम्मान दिया है, उनकी गरिमा बढ़ाई है, वो अभूतपूर्व है। 5 साल पहले यूपी की सड़कों पर माफियाराज था, यूपी की सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी, इसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी कौन था? मेरे यूपी की बहन बेटियां थीं। उन्हें सड़क पर निकलना मुश्किल हुआ करता था। स्कूल, कॉलेज जाना मुश्किल होता था। योगी जी ने इन गुंडों को उनकी सही जगह पहुंचाया है।
 
महिलाओं को 6 माह की छुट्‍टी :  उन्होंने कहा कि बेटियां कोख में ही ना मारी जाएं, वो जन्म लें, इसके लिए हमने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के माध्यम से समाज की चेतना को जगाने का प्रयास किया। आज परिणाम ये है कि देश के अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है। प्रसव के बाद भी बिना चिंता के अपने बच्चे की शुरुआती देखरेख करते हुए मां अपना काम जारी रख सके। इसके लिए महिलाओं की छुट्टी को 6 महीने किया गया है।
 
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असमानता को दूर करने वाली योजनाएं : दशकों तक ऐसी व्यवस्था रही कि घर और घर की संपत्ति को केवल पुरुषों का ही अधिकार समझा जाने लगा। घर है तो किसके नाम? पुरुषों के नाम। खेत है तो किसके नाम? पुरुषों के नाम। नौकरी, दुकान पर किसका हक? पुरुषों का। आज हमारी सरकार की योजनाएं, इस असमानता को भी दूर कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो घर दिए जा रहे हैं, वो प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के ही नाम से बन रहे हैं।
 
शादी की उम्र 21 साल : प्रधानमंत्री ने कहा कि बेटियां भी चाहती थीं कि उन्हें उनकी पढ़ाई लिखाई के लिए, आगे बढ़ने के लिए समय मिले, बराबर अवसर मिलें। इसलिए, बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है।
 
रोजगार की योजनाओं में भी महिलाएं भागीदार : रोजगार के लिए, परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए जो योजनाएं देश चला रहा है, उसमें भी महिलाओं को बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है। मुद्रा योजना आज गांव-गांव में, गरीब परिवारों से भी नई-नई महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है।दीनदयाल अंत्योदय योजना के जरिए भी देश भर में महिलाओं को स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण संगठनों से जोड़ा जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों को तो मैं आत्मनिर्भर भारत अभियान की चैपिंयन मानता हूं।.
 
बैंक सखियों पर 75 हजार करोड़ रुपए के लेनदेन की जिम्मेदारी : उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने बैंक सखियों के ऊपर 75 हजार करोड़ रुपए के लेनदेन की जिम्मेदारी सौंपी हैं। 75 हजार करोड़ रुपए का कारोबार गांवों में रहने वाली मेरी बहनें-बेटियां कर रही हैं।

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