Publish Date: Thu, 14 Dec 2017 (15:50 IST)
Updated Date: Thu, 14 Dec 2017 (15:56 IST)
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार कहा कि रक्षाकर्मियों से जुड़े 'वन रैंक, वन पेंशन' का वादा हकीकत में बदल चुका है और अब तक 20 लाख सेवानिवृत्त फौजियों को 11 हजार करोड़ रुपए बकाए के तौर पर दिए जा चुके हैं।
6 स्कॉर्पिन श्रेणी की पनडुब्बी की श्रृंखला में पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी के जलावतरण समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर हर उस व्यक्ति का आभार व्यक्त करता हूं जिसने देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्यों के पुलिस बल, अर्द्धसैनिक बल, हमारी सेनाएं, सुरक्षा में लगी हर वह एजेंसी जो दिखती है, और हर वह एजेंसी जो नहीं दिखती है, उनके प्रति इस देश के सवा-सौ करोड़ लोग कृतज्ञ हैं। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। देश की मजबूती हमारे सुरक्षाबलों की मजबूती से जुड़ी हुई है और इसलिए सुरक्षाबलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, बिना विलंब किए हुए, उनके लिए फैसले लेना, उनके साथ खड़े रहना- ये इस सरकार की प्राथमिकता है और यह हमारी सरकार के स्वभाव में है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारी ही प्रतिबद्धता थी जिसके कारण कई दशकों से लंबित 'वन रैंक, वन पेंशन' का वादा हकीकत में बदल चुका है। अब तक 20 लाख से अधिक रिटायर्ड फौजी भाइयों को लगभग 11 हजार करोड़ रुपए एरियर के तौर पर दिए भी जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं सागर परिक्रमा के लिए निकली भारतीय नौसेना की 6 वीर जांबाज अफसरों को भी याद करना चाहूंगा। हमारे देश की रक्षामंत्री निर्मलाजी की प्रेरणा से, भारत की नारी शक्ति का संदेश लेकर, बहुत हौसले के साथ, ये हमारे 6 जांबाज सेनानी आगे बढ़ती चली जा रही हैं। आप ही जल-थल-नभ में इसी अथाह भारतीय सामर्थ्य को सहेजे हुए हैं। आज आईएनएस कलवरी के साथ एक नए सफर की शुरुआत हो रही है। (भाषा)