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जेन जी और जेन अल्फा से पीएम मोदी को क्या है उम्मीद?

वीर बाल दिवस पर राष्‍ट्रपति मुर्मू ने वैभव सूर्यवंशी समेत 20 बच्चों को किया सम्मानित

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PM Modi
PM Modi on Veer Bal Diwas : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि Gen Z, Gen Alpha... आपकी जनरेशन ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी। मैं Gen Z की योग्यता, आपका आत्मविश्वास देखता हूं, समझता हूं और इसलिए आप पर बहुत भरोसा करता हूं।
 
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति :  पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने तय किया है कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। अब हम भारतीयों के बलिदान, हमारे शौर्य की स्मृतियां दबेंगी नहीं। अब देश के नायक-नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा, और इसलिए 'वीर बाल दिवस' को हम पूरे मनोभाव से मना रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से मुक्त होते हमारे देश में, भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रही है।
 
वीर साहिबजादों को इस तरह किया याद : उन्होंने कहा कि आज देश 'वीर बाल दिवस' मना रहा है। आज हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो हमारे भारत का गौरव हैं। जो भारत के अदम्य साहस, शौर्य और वीरता की पराकाष्ठा हैं। वो वीर साहिबज़ादे, जिन्होंने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया, जो क्रूर मुगल सल्तनत के सामने ऐसे चट्टान की तरह खड़े हुए कि मजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया। जिस राष्ट्र के पास ऐसा गौरवशाली अतीत हो, जिसकी युवा पीढ़ी को ऐसी प्रेरणाएं विरासत में मिली हों, वो राष्ट्र क्या कुछ नहीं कर सकता है।
 
पीएम मोदी ने कहा कि जब भी 26 दिसंबर का ये दिन आता है, तो मुझे ये तसल्ली होती है कि हमने साहिबजादों की वीरता से प्रेरित 'वीर बाल दिवस' मनाना शुरू किया गया। बीते 4 वर्षों में वीर बाल दिवस की नई परंपरा ने साहिबजादों की प्रेरणाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया है। वीर बाल दिवस ने साहसी और प्रतिभावान युवाओं के लिए एक मंच भी तैयार किया है। हर साल जो बच्चे अलग-अलग क्षेत्रों में देश के लिए जो कुछ कर दिखाते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
 
औरंगजेब जानता था कि अगर भारत के लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है, तो उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा, और उसने साहिबजादों को निशाना बनाया। लेकिन औरंगजेब और उसके सिपहसालार भूल गए थे कि हमारे गुरु कोई साधारण मनुष्य नहीं थे, वो तो त्याग के साक्षात अवतार थे। वीर साहिबजादों को वही विरासत मिली थी। इसलिए चारों साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई।
 
उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस का ये दिन, भावना और श्रद्धा से भरा दिन है। साहिबजादा अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी को छोटी-सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा। वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य की थी। उस लड़ाई के एक ओर दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी थे, तो दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमत थी। हमारे साहिबजादे उस समय छोटे थे, लेकिन औरंगजेब को और उसकी क्रूरता को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता था।

वैभव सूर्यवंशी समेत 20 बच्चे सम्मानित : वीर बाल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 20 बच्चों को 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया। इनमें बिहार के स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल है। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले बच्चों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बॉर्डर पर जवानों को चाय-नाश्ता देने वाले फिरोजपुर के श्रवण सिंह भी शामिल हैं।
edited by : Nrapendra Gupta   

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