Publish Date: Thu, 15 Dec 2016 (13:13 IST)
Updated Date: Thu, 15 Dec 2016 (13:15 IST)
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध पर नाखुशी जाहिर करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि सदन देखने आने वाले केंद्रीय विद्यालय के छात्रों को आखिर वह क्या दिखाएंगे?
जावड़ेकर, केंद्रीय विद्यालय स्कूलों के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में आए थे। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि संसद काम कहां कर रही है? उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही देखने आने वाले स्कूली विद्यार्थियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
जावड़ेकर ने कहा कि मैं सोचता हूं कि कार्यवाही देखने आने वाले केंद्रीय विद्यालय के छात्रों को मुझे क्या दिखाना चाहिए। क्या मुझे उन्हें यह दिखाना चाहिए कि संसद में किस तरह का हंगामा होता है। यहां वह अनुशासन का पाठ पढ़कर आएंगे लेकिन यहां से वह अनुशासनहीनता सीखकर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जनता पांच साल में एक बार सरकार चुनती है और लोकतंत्र में जनमत सबसे उपर होता है। लेकिन अगर संसद इस तरह काम नहीं करेगा तो यह अलोकतांत्रिक होगा और जनमत का अपमान होगा।
जावड़ेकर ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि जनता की राय का उन पर दबाव पड़ेगा। हर किसी को काम करना होता है और संसद में आपको अपनी राय रखनी होती है, यही लोकतंत्र है। आपको विरोध भी करना चाहिए, यह भी लोकतंत्र है। लेकिन निर्वाचित सरकार को काम नहीं करने देने का यह कोई तरीका नहीं है। मेरी परेशानी यह है कि मैं केवी के छात्रों को आखिर क्या दिखाउंगा।
उन्होंने मार्च में शिक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की और कहा कि नवाचार और प्रयोग करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। (भाषा)