पीएम मोदी ने कहा, आप चाहो तो मुझे 24 घंटे गाली दे सकते हो...

सोमवार, 1 अक्टूबर 2018 (09:10 IST)
राजकोट (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी भले उन्हें गाली दे सकती है, लेकिन वह महात्मा गांधी, वल्लभभाई पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान शख्सियतों को अपमानित करना बंद करे।


प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता महात्मा गांधी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू था। उन्होंने कहा कि उनकी चार साल की सरकार में स्वच्छता का दायरा बढ़ा है। कांग्रेस का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा कि विपक्षी पार्टी सिर्फ एक परिवार से बंधी है।

उन्होंने कहा, लोग जाति, राज्य, चुनाव देखते हैं... महान शख्सियतों को अपमानित करना बंद करें। मोदी अभी जीवित हैं, उन्‍हें 24 घंटे गाली दो और यह भी कम पड़ता है तो इसे 26 घंटे के लिए करो। कौन ना कह रहा है? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दावा किया था कि गुजरात के सरदार पटेल की विशालकाय प्रतिमा चीन बना रहा है, जिस पर भाजपा और गुजरात सरकार की तीखी प्रतिक्रिया आई थी। विभिन्न प्रतिष्ठित हस्तियों के लिए स्मारक निर्माण को उचित ठहराते हुए मोदी ने कहा कि यह देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ने वालों के प्रति श्रद्धा दिखाने का एक तरीका है।

उन्होंने कहा कि देश के पहले उप प्रधानमंत्री एक वैश्विक शख्सियत थे जिन्हें जाति या किसी राज्य तक सीमित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, लोग कहते हैं कि हमलोग चुनाव के कारण सरदार साहब को याद करते हैं। कुछ कहते हैं कि वह गुजराती थे जबकि अन्य उन्हें एक खास जाति के प्रतिनिधि के तौर पर देखते हैं। मोदी ने कहा, वे एक वैश्विक शख्सियत थे और उन्होंने उनका अपमान किया है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि देश की एकता के लिए उन्होंने जो काम किया है, उसे हम दुनिया को बताएं।

प्रधानमंत्री ने राजकोट के अल्फ्रेड हाईस्कूल में रिमोट कंट्रोल से महात्मा गांधी संग्रहालय का उद्घाटन किया। वे वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। शहर के इसी स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पढ़ाई की थी। मोदी ने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत निर्मित 600 से अधिक घरों को लोगों को समर्पित किया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुछ महिला लाभार्थियों से बात की। अपने भाषण में उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह देश की महान शख्सियतों को अपमानित नहीं करें।

उन्होंने कहा, हकीकत में राजकोट की धरती ने (महात्मा) गांधीजी के जीवन को आकार दिया। यह देश और दुनिया के हर व्यक्ति का अधिकार है कि वह इस वैश्विक नेता के बचपन के बारे में जाने। मोदी ने पूछा, लेकिन मैं नहीं जानता कि किसके फायदे के लिए महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्व को दो अक्टूबर (उनकी जयंती) और 30 जनवरी (पुण्यतिथि) को सिर्फ श्रद्धांजलि देने तक सीमित कर दिया गया है। मोदी ने कहा कि यह संग्रहालय का ना केवल राजकोट के लोगों बल्कि समूचे विश्व के लिए बहुत महत्व है।

उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय से गांधीवादी संस्कृति, मूल्यों और दर्शन के बारे में जागरुकता फैलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, श्यामजी कृष्ण वर्मा जिनकी जयंती चार अक्टूबर को है, उन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। अगर हमलोग उनकी प्रतिमा बनाते हैं तो यह हमारा लक्ष्य है कि देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ने वाले नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत बनें।

उन्होंने कहा, जब मैंने बाबा साहेब अंबेडकर की स्मृति में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण किया तो मुझे विश्वास था कि आने वाली पीढ़ी एक ऐसे व्यक्ति से प्रेरित होगी, जिसने गरीबी से बाहर निकलकर इस तरह तरक्की की और ऐसी ऊंचाई हासिल की। पंचतीर्थ में ऐसे पांच स्थान हैं, जो अंबेडकर से संबंधित हैं। सरकार इन स्थानों का विकास कर रही है।

उन्होंने कहा कि हमने ‘मिसाइल मैन’ एवं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के गृहनगर में एक स्मारक बनाया, ताकि आगंतुक उनसे प्रेरणा ले सकें। संयुक्त राष्ट्र के 'चैंपियन्स ऑफ द अर्थ' सम्मान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी इसके सबसे बड़े हकदार थे। मोदी संयुक्त राष्ट्र के 'चैंपियन्स ऑफ द अर्थ' सम्मान से सम्मानित हुए हैं। (भाषा)

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