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PM मोदी ने देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया

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बुधवार, 2 अक्टूबर 2019 (20:54 IST)
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित करते हुए कहा कि केवल शौचालयों का निर्माण ही काफी नहीं है बल्कि इनके इस्तेमाल को आदत का हिस्सा बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के अभियान के चलते देश की उत्पादकता भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले जिस शौचालय की बात करने में झिझक होती थी, वह आज देश की सोच का अहम हिस्सा हो गया है।
 
देशभर के 20 हजार सरंपंचों के महासम्मेलन को यहां साबरमती रिवरफ्रंट पर संबोधित करते हुए मोदी ने देश के सभी वासियों से देशहित में एक एक संकल्प लेने का भी आहवान किया।
 
महात्मा गांधी पर डाक टिकट तथा सिक्का जारी करने और स्वच्छ भारत मिशन के पुरस्कार वितरित करने के बाद मोदी ने अपने संबोधन से पहले सभी सरपंचों को मंच से झुक कर नमन किया।
 
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का स्वच्छता का सपना साकार करने में उनके योगदान के लिए वे ऐसा कर रहे हैं। देश को खुले में शौच से मुक्त करना 130 करोड़ देशवासियों के प्रयासों से संभव हुआ है न कि केवल सरकार के चलते।     
 
उन्होंने स्वच्छता ही सेवा विषय पर पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजेता पुद्दचेरी के छात्र एस विश्वा और गोवा के छात्र शेन सावियो फर्नाडिंज के अलावा स्वच्छता अभियान के लिए बिहार के बसडीला खास की सरपंच शर्मिला देवी, छत्तीसगढ़ के जसपुर की करीना खातून और मेघायल की लंमलिनती लिंगखोए और तेलंगाना के पेद्दापल्ली शहर को पुरस्कृत किया। इसके अलावा उत्तरप्रदेश और गुजरात को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया।
     
मोदी ने कहा कि आज जब देश खुले में शौच मुक्त घोषित हुआ है, उन्होंने महात्मा गांधी के आश्रम जाकर एक नई ऊर्जा का अनुभव किया है। उन्हें यह भी लगा कि जैसे इतिहास अपने आप को दोहरा रहा हो। जैसे बापू के आहवान पर लाखों भारतवासी आजादी के लिए निकल पड़े थे, उसी तरह स्वच्छता के उनके आहवान पर लाखों भारतवासियों ने दिल से सहयोग किया है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जिस शौचालय की बात करने में झिझक होती थी, वह आज देश की सोच का अहम हिस्सा हो गया है। 60 महीने में  60 करोड़ लोगों के लिए 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय का निर्माण यह सुनकर विश्व अचंभित है। इससे कई लाभ हुए हैं।
 
माताओं बहनों को अंधेरे के इंतजार की पीड़ा से मुक्ति मिली है। गरीबों का बीमारी पर होने वाला खर्च कम हुआ है। इसने ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।
 
यूनिसेफ के एक अनुमान के अनुसार बीते 5 साल में भारत में रोजगार के जो अवसर बने हैं उनमें अधिकतर गांवों के बहन-भाइयों को मिले हैं। इससे हमारी प्रोडक्टिविटी पर सकारात्मक असर पड़ा है। 
 
उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हासिल हुआ वह काफी नहीं है और एक पड़ाव भर है। अभी केवल शौचायलों का निर्माण हुआ है और अब एक इस परिवर्तन को स्थायी बनाना है। यह सुनिश्चित करना है कि शौचालय का उचित उपयोग हो। सरकार ने अभी जो साढ़े तीन लाख करोड़ का जल जीवन मिशन शुरू किया है उससे इसमें मदद मिलने वाली है।
 
इस मौके पर मोदी ने एकल प्रयोग प्लास्टिक से मुक्ति की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीते तीन सप्ताह में स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान करीब 20 हजार टन प्लास्टिक कचरा इकट्ठा हुआ है और प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल तेजी से घट रहा है। ऐसा होना जरूरी है। 2022 तक इससे देश को मुक्त करना है। 
 
मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत के हमारे मॉडल से दुनिया सीखना चाहती है। तीन देशों इंडोनेशिया, नाइजीरिया और माली के प्रतिनिधि यहां उपस्थित हैं। भारत अपने अनुभव को दूसरे देशों से साझा करने के लिए तैयार है। गांधीजी भी स्वच्छता को सर्वोपरि मानते थे।
 
आज हम भी स्वच्छ समर्थ सशक्त नए भारत के निर्माण में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गांधीजी के सपने के अनुरूप हर गांव को स्वावलंबी बनाने के लिए भी काम कर रही है। बापू भी मानते थे कि राष्ट्रवादी हुए बिना अंतरराष्ट्रीयवादी नहीं हुआ जा सकता। नए भारत में स्वच्छता, सुरक्षा, भेदभाव से मुक्ति होगी।
 
मंच पर मोदी के साथ ट्रंप का फोटो : अहमदाबाद हवाई अड्डे पर भाजपा की प्रदेश इकाई द्वारा प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा एवं संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रभावी भाषण को लेकर आयोजित अभिनंदन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व स्तर पर हो रहे कई सकारात्मक बदलावों में भारत सबसे आगे है और इससे भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है और विश्व अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए भारत से अहम भूमिका निभाने की उम्मीद करता है।
 
उन्होंने कहा कि हाउडी मोदी में रिपब्लिकन भी बोले, डेमोक्रेट भी बोले। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता है कि भारत ने हमेशा सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास किया है। भारत की प्रतिष्ठा सभी जगह बढ़ रही है और कोई भी इस बदलाव को देख सकता है। मंच पर मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा पोस्टर लगा था।
 
मोदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति वहां भारतीय समारोह में आए और इतने लंबे समय तक रहे, यह बड़ी बात है। भाषणों के बाद जब मैंने उनसे आग्रह किया तब वे सुरक्षा प्रोटोकाल की चिंता किए बिना स्टेडियम का चक्कर लगाने आए।
 
मैं इस कार्यक्रम का आयोजन करने वालों को धन्यवाद देता हूं। मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है और विश्व अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए भारत से अहम भूमिका निभाने की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है। जिसके पास भारत का पासपोर्ट होता है दुनिया उसे इज्जत के साथ देखती है ।
 
मोदी ने कहा कि अमेरिकी यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र में विश्व के नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि  गांधी हमारे साथ थे, हमारे साथ हैं और आने वाली पीढ़ियों के साथ भी रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका (ह्यूस्टन) के बाद जितने समारोह में वह गए, हर समारोह में बात ‘हाउडी मोदी’ से शुरू हुई।
 
मोदी ने कहा कि दुनिया के हर देश के नेता को मालूम था कि ‘हाउडी मोदी’ क्या था, कैसा था, कहां था। हर कोई उसका गुणगान कर रहा था। मोदी ने कहा कि यह हिंदुस्तान की ताकत है जिसका एक छोटा सा प्रतिबिंब ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में सारी दुनिया ने देखा है। ‘हाउडी मोदी’ में भारतीयों की सहभागिता का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इससे विश्व भर में भारतीयों का हौसला बुलंद हुआ है । साथ ही हिन्दुस्तान की गरिमा को भी बढ़ाया है।
 
दुनिया के 150 देशों के गायकों ने गाया भजन : महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में अपार उत्साह का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया के सामने मौजूद किसी भी चुनौती को ले लीजिए, महात्मा गांधी के उपदेशों में सभी चुनौतियों के समाधान हैं। उन्होंने कहा कि 150 से अधिक देशों के गायकों ने गांधीजी का प्रसिद्ध भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ अपनी भाषा में गाया। इन गायकों ने भजन के भाव, अर्थ और संदेश को समझने का प्रयास किया।

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