पुलवामा में आतंकी हमला, सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा, मोदीजी फिर करो 'सर्जिकल स्ट्राइक'

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019 (21:54 IST)
श्रीनगर। पुलवामा के अवंतीपोरा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 बहादुर जवान शहीद हो गए। जैश-ए-मोहम्मद इस आत्मघाती हमले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों को उरी हमले के बाद मोदी सरकार द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक याद आ गई। हर जुबां पर अब एक ही बात थी कि मोदीजी अब तो पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को सबक सिखा ही दो। एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक करो और इस तरह करो कि आतंकियों की रूह कांप उठे। 
 
एस चंद्रशेखर ने ट्विटर पर कहा कि क्या सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट 2 शुरू होगी। यही एक भाषा है, जिसे पाकिस्तान में स्थित आतंकी  समझते हैं। हम आपके साथ हैं सरजी। 
 
ब्लैक लिपस्टिक ने भी ट्वीट कर कहा कि मोदीजी पाकिस्तान में स्थित सभी आतंकी कैंपों को तबाह कर दो। फिर सर्जिकल स्ट्राइक करो।

रमेश सोलंकी ने भी कहा कि अब कोई राज‍नीति नहीं, कोई डिप्लोमेसी नहीं, अब पाकिस्तान पर हमला कर देना चाहिए। उन्हें खून के हर कतरे की कीमत चुकानी होगी।  
 
अक्षय शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि एक भारतीय के नाते, उरी में पदस्थ एक सैनिक के भाई के नाते मैं नरेंद्र मोदी को बदला लेने का ऑर्डर देता हूं। चुनाव आने वाले हैं, अगर मोदी ने ऐसा नहीं किया तो मैं नोटा को वोट दूंगा।
 
भारतीय सेना ने कब की थी सर्जिकल स्ट्राइक : भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए 28 सितंबर 2018 की रात में नियंत्रण रेखा के पास पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर लश्कर-ए-तोइबा के 30-35 आतंकियों को ढेर कर दिया था। इस स्ट्राइक में सेना के जवानों ने रात में 12.30 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक आतंकियों के 7 ठिकानों को तबाह किया था। इस पूरे अभियान को 'सर्जिकल स्ट्राइक' या 'सर्जिकल ऑपरेशन' कहा गया था और सबसे बड़ी बात तो यह थी कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में भारत के सभी जवान सुरक्षित थे।
 
क्या होता है सर्जिकल स्ट्राइक : दरअसल सर्जिकल स्ट्राइक सेना द्वारा किया जाने वाला एक गुप्त हमला होता है, जिसके जरिए किसी खास इलाके में किसी खास ठिकाने पर हमला बोलकर उसे ध्वस्त कर सेना सकुशल अपने शिविर में लौट आती है। इस हमले की योजना को खास तरह से रेखांकित किया जाता है। टारगेट को सुनिश्चित किया जाता है, जिसमें यह ध्यान रखा जाता है कि किसी भी प्रकार से आम लोग या सिविलियन क्षेत्रों को इससे नुकसान न हो। 
 
आम अवाम को नुकसान नहीं : इससे रहवासी क्षेत्र, आधारभूत संरचना, आवागमन के साधन या आम अवाम और उसके उपयोग से साधनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। सेना की इस कार्रवाई में जहां ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता है, नुकसान सिर्फ वहीं होता है। इस स्ट्राइक में सेना के स्पेशल फोर्स के घातक कमांडों रेंगते हुए वहां पहुंचे और अचानक शिविरों पर हमला कर सभी को ध्वस्त कर लौट आए। इस हमले में हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया गया।
 
सर्जिकल स्ट्राइक पर पूरी नजर रखी थी मोदी ने : भारतीय सेना ने जब पिछले साल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे आंतकी संगठन के ठिकानों ध्वस्त किया था, तब इस अभियान पर प्रधानमंत्री ने पूरी नजर रखी थी। वे रात भर सोए नहीं थे और पल पल की खबर ले रहे थे। दिल्ली में स्पेशल कंट्रोल रुम के जरिए मोदी को हर पल की खबर दी जा रही थी। अभियान की सफलता के बाद अगले दिन मोदी ने पूरे देश को सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दी थी।

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