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पंजाब के गवर्नर ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के किया इंकार, केजरीवाल ने कहा- लोकतंत्र खत्म

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गुरुवार, 22 सितम्बर 2022 (10:28 IST)
चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने राज्य की भगवंत मान सरकार को बड़ा झटका देते हुए विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाने संबंधी आदेश को वापस ले लिया। राजभवन ने केवल विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर विशिष्ट नियम नहीं होने का हवाला दिया। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले कि निंदा करते हुए कहा कि राज्यपाल ऐसा कैसे कर सकते हैं, फिर तो लोकतंत्र खत्म।

मान सरकार आज इस फैसले के खिलाफ विधानसभा से लेकर राजभवन तक शांति मार्च निकालेगी। इसमें पार्टी के 92 विधायक शामिल होंगे।
 
आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट करके कहा कि राज्यपाल कैबिनेट की ओर से बुलाए सत्र को कैसे मना कर सकते हैं? फिर तो जनतंत्र खतम है। दो दिन पहले राज्यपाल ने सत्र की इजाजत दी। जब ऑपरेशन लोटस फेल होता लगा और संख्या पूरी नहीं हुई तो ऊपर से फोन आया कि इजाजत वापस ले लो। आज देश में एक तरफ संविधान है और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस।
 
पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि राज्यपाल द्वारा विधानसभा ना चलने देना देश के लोकतंत्र पर बड़े सवाल पैदा करता है। अब लोकतंत्र को करोड़ों लोगों द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि चलाएंगे या केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया हुआ एक व्यक्ति। एक तरफ भीमराव जी का संविधान और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस...जनता सब देख रही है।
 
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर कहा कि इसका मतलब साफ़ है - अगर विश्वास मत पास हो गया तो पंजाब में आप की सरकार को 6 महीने तक बीजेपी ऑपरेशन लोटस से गिरा नहीं पाएगी। इसलिए विश्वास मत के ख़िलाफ़ है बीजेपी के राज्यपाल महोदय।
 
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने 22 सितंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की इजाजत दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया।
 

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