Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

समीर वानखेड़े को लेकर काजी ने किया बड़ा दावा, शादी के समय मुस्लिम थे, अधिकारी बोले- कभी धर्म नहीं बदला

हमें फॉलो करें webdunia
बुधवार, 27 अक्टूबर 2021 (20:34 IST)
मुंबई। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े की 2006 में पहली शादी कराने वाले काजी ने बुधवार को दावा किया कि अधिकारी एक मुस्लिम परिवार से संबंधित हैं अन्यथा उनका निकाह इस्लाम के अनुसार नहीं कराया जाता।

काजी का यह दावा महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक के उन आरोपों की पृष्ठभूमि में आया है कि वानखेड़े जन्म से मुस्लिम थे लेकिन जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया ताकि वह यह दिखा सकें कि वे हिंदू अनुसूचित जाति से संबंधित हैं और आरक्षण के तहत यूपीएससी परीक्षा पास कर नौकरी पा सकें।

मौलाना मुजम्मिल अहमद ने कहा, मैंने समीर वानखेड़े और शबाना कुरैशी का निकाह कराया था। उनके पिता ने मुंबई के लोखंडवाला परिसर इलाके में शादी कराने के लिए मुझसे संपर्क किया था। दूल्हे का नाम समीर दाऊद वानखेड़े था जिसने शबाना कुरैशी से शादी की थी।

वानखेड़े के हिंदू होने के दावे के बारे में पूछे जाने पर काजी ने कहा कि अगर समीर वानखेड़े हिंदू होते तो निकाह नहीं कराया जाता। उन्होंने यह भी दावा किया कि सभी गवाहों ने इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार निकाहनामा पर हस्ताक्षर किए थे।

उन्होंने कहा, अगर समीर वानखेड़े और उनके परिवार के सदस्य यह दावा कर रहे हैं कि वह जन्म से हिंदू हैं और उनके पिता भी हिंदू हैं, तो मैं कहूंगा कि यह गलत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि निकाहनामा में वर्णित मेहर राशि 33,000 रुपए थी।

वानखेड़े ने कहा था कि उनके पिता हिंदू हैं और उनकी दिवंगत मां जाहिदा मुस्लिम थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह सच्ची भारतीय परंपरा में एक समग्र, बहु-धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष परिवार से नाता रखते हैं और उन्हें अपनी विरासत पर गर्व है।

एनसीबी अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्होंने 2006 में विशेष विवाह कानून के तहत डॉ. शबाना कुरैशी से शादी की थी और दोनों ने 2016 में एक सिविल अदालत के माध्यम से तलाक ले लिया। उन्होंने उसके बाद 2017 में मराठी अभिनेत्री क्रांति रेडकर से शादी की।

एनसीबी अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपनी दिवंगत मां की इच्छा के अनुसार (2006 में) मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। वानखेड़े ने कहा, धर्मनिरपेक्ष देश में अपनी मां की इच्छा को पूरा करना कोई अपराध नहीं है। मुझे अपने देश में धर्मनिरपेक्षता पर गर्व है। मेरी मां मुस्लिम थीं और मेरे पिता हिंदू हैं। मैं उन दोनों से बहुत प्यार करता हूं।

वानखेड़े ने जोर दिया कि उन्होंने कभी इस्लाम नहीं अपनाया था और वह हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली शादी एक महीने के भीतर विशेष विवाह कानून के तहत पंजीकृत की गई थी। उन्होंने दावा किया, तलाक की प्रक्रिया भी विशेष विवाह कानून के तहत पूरी की गई थी। मैंने कभी भी इस्लाम नहीं अपनाया था और मैं अपने परिवार की हिंदू जाति से हूं।

इस बीच, वानखेड़े के पिता ने अपने धर्म को लेकर एक बार फिर नवाब मलिक द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया। मलिक ने कहा था कि वानखेड़े सीनियर का वास्तविक नाम दाऊद वानखेड़े है, न कि ज्ञानदेव वानखेड़े।उन्होंने कहा, मैं उर्दू नहीं समझता, इसलिए मुझे नहीं पता कि उनके दस्तावेजों (निकाहनामा) में मेरा नाम क्या लिखा था। वह (मेरी दिवंगत पत्नी) प्यार से मेरा नाम दाऊद कहती थी। लोग प्यार से एक-दूसरे को अलग-अलग नामों से पुकारते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी सरकारी दस्तावेजों में उनका नाम ज्ञानदेव वानखेड़े है। उन्होंने कहा, जब राज्य सरकार ने मुझे भर्ती किया, तो उन्होंने कुछ सत्यापन भी किया ही होगा।(भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

पठानकोट में मिली पाकिस्तानी नाव, BSF हुआ अलर्ट