Publish Date: Mon, 10 Dec 2018 (22:36 IST)
Updated Date: Mon, 10 Dec 2018 (22:57 IST)
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी दलों ने आपसी एकजुटता का परिचय देते हुए 'भारतीय जनता पार्टी हटाओ और संविधान बचाओ' का नारा दिया है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर अपनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है।
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ लामबंद होते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे से उपजी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य जांच एजेंसियों तथा चुनाव आयोग में सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप को देखते हुए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को बचाए रखना जरूरी हो गया है और इसके लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हैं।
विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार की अपनी बैठक को सफल बताया और कहा कि मंगलवार को संसद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विपक्षी दलों के नेता फिर बैठक करेंगे और इस लड़ाई को अंजाम देने के लिए रणनीति पर विचार करेंगे। सोमवार की बैठक में समाजवादी तथा बहुजन समाज पार्टी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हो सका।
करीब 2.30 घंटे चली बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों ने एक स्वर में इस बात पर सहमति जताई कि रिजर्व बैंक जैसे संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता में भाजपा तथा आरएसएस के हस्तक्षेप को बंद किया जाना चाहिए। (वार्ता)