सावधान! दुनिया पर सबसे बड़ा साइबर हमला, आप भी हो सकते हैं शिकार..
Publish Date: Mon, 15 May 2017 (11:15 IST)
Updated Date: Mon, 15 May 2017 (13:19 IST)
गत शुक्रवार को हुए ग्लोबल साइबर हमले से 150 देशों के 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इस हमले से भारत भी अछता नहीं है। ताजा आंकड़ों में कम से कम 150 देशों के 2 लाख से ज्यादा पीड़ित हैं। इन पीड़ितों में बड़े निगमों सहित ज्यादातर व्यापारी हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने आगाह किया है कि सोमवार को कार्य-सप्ताह शुरू होने पर दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा कंपनियों और लोगों को शिकार बनाने वाला साइबर हमला नए संकट का रूप ले सकता है और इसके हमले के शिकारों की तादाद में इजाफा हो सकता है। यह अभी तक दुनिया का सबसे बड़ा साइबर हमला है जिसमें अपराधियों ने दुनिया के 150 से भी ज्यादा देशों में अपना कहर ढाया है।
साइबर हमले के सरगना फिरौती वसूल रहे हैं। साइबर हमलों का यह सिलसिला शुक्रवार को शुरू हुआ और इसने बैंकों से लेकर अस्पताल तक और निजी कंपनियों से लेकर सरकारी एजेंसियों तक सबको धड़ाधड़ अपना निशाना बनाया। इसने माइक्रोसॉफ्ट की पुरानी ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) की कमजोरियों का फायदा उठाया।
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खतरनाक वायरस
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150 देशों के 2 लाख से ज्यादा लोग पीड़ित।
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बैंक, अस्पताल, रेल नेटवर्क और निजी कंपनियां निशाने पर।
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फिरौती के लिए हुआ है यह सायबर हमला।
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हमलावरों ने माइक्रोसॉफ्ट के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया।
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हालात और बिगड़ने की अंदेशा।
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हमलावर मांग रहे हैं बिटक्वॉइन' में 300 डॉलर की फिरौती।
इन साइबर हमलों की जद में आने वालों में अमेरिकी कूरियर कंपनी फेडएक्स, यूरोपीय कार कंपनियां, स्पेनी दूरसंचार दिग्गज टेलीफोनिका, ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा और जर्मनी का ड्योश रेल नेटवर्क प्रमुख हैं। यूरापीय संघ की पुलिस एजेंसी 'यूरोपोल' के कार्यकारी निदेशक रॉब वेनराइट ने कहा है कि सप्ताहांत की छुट्टियां गुजारकर सोमवार को जब कर्मी अपने दफ्तर लौटेंगे और अपने-अपने कम्प्यूटरों पर लॉग-इन करेंगे तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
वेनराइट ने ब्रिटेन के आईटीवी टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में हमले के दायरे को 'अभूतपूर्व' करार देते हुए कहा कि हमने इस तरह की कोई चीज पहले कभी नहीं देखी थी। 'यूरोपोल' के कार्यकारी निदेशक ने साइबर हमलों को 'बढ़ता खतरा' करार दिया और कहा कि मैं चिंतित हूं कि कैसे जब लोग काम पर जाएंगे और अपनी मशीनें चालू करेंगे तो संख्या किस तरह बढ़ेगी।
ब्रिटेन के नेशनल साइबर सिक्यूरिटी सेंटर ने वेनराइट के इन अंदेशों की हिमायत की और कहा कि एक नया कार्य-सप्ताह शुरू हो रहा है और आशंका है कि ब्रिटेन में और दूसरी जगहों पर रेंसमवेयर के और मामले प्रकाश में आएं और शायद बड़े पैमाने पर आएं। सूत्रों ने बताया है कि इन साइबर हमलों के मद्देनजर ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी रेनो की उत्तर फ्रांस के दोउआइ में स्थित फैक्टरी सोमवार को नहीं खुलेगी।
फिरौती की मांग : साइबर हमलों के पीड़ितों के कम्प्यूटर स्क्रीन पर तस्वीरें आ जाती हैं जिनमें संदेश होता है कि उफ्फ, आपकी फाइलें 'इनक्रिप्ट' कर दी गई हैं। पीड़ितों से आभासी दुनिया की मुद्रा 'बिटक्वॉइन' में 300 डॉलर की फिरौती मांगी जाती है। स्क्रीन संदेशों में कहा जाता है कि पीड़ित यह रकम 3 दिन के अंदर चुका दे वरना फिरौती की रकम दुगनी कर दी जाएगी। फिरौती नहीं देने पर लॉक की गई फाइलें 'डिलीट' कर दी जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि बिटक्वॉइन दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली आभासी मुद्रा है। इसका लेन-देन बेनाम तरीके से अत्यधिक इनक्रिप्टेड कोड से किया जा सकता है और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती। विशेषज्ञों और सरकार- दोनों ने ही पीड़ितों से कहा है कि वे फिरौती की अपराधियों की मांग नहीं मानें। वेनराइट के अनुसार अभी तक बहुत कम पीड़ितों ने फिरौती दी है। सुरक्षा कंपनी डिजिटल शैडोज ने कहा था कि रैनसमवेयर ने जिन बिटक्वॉइन पतों का इस्तेमाल किया है उनके मार्फत बस 32 हजार डॉलर या साढ़े 20 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है।
मॉस्को स्थित कम्प्यूटर सुरक्षा कंपनी कासपस्क्री लैब का कहना है कि अपराधियों ने जिन डिजिटल कोड का उपयोग किया है, माना जाता है कि उसे अमेरिका की नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी ने विकसित किया था। इसे बाद में डाक्यूमेंट डंप के रूप में लीक कर दिया गया था।
क्या है रैंसमवेयर : रैंसमवेयर वायरस फैलाने वाला सॉफ्टवेयर है जिसे WannaCry नाम दिया गया है। यह कम्प्यूटर्स सिस्टम तक पहुंचकर उसे तब तक के लिए ब्लॉक कर देता है, जब तक कि फिरौती न मिल जाए। फिरौती ऑनलाइन वसूली जा रही है।
रैंसमवेयर ई-मेल अटैचमेंट से भी फैलता है। वायरस अटैक के दौरान अधिकांश कम्प्यूटर्स पर 'प्लीज रीड मी' नामक फाइल ई-मेल पर भेजी गई है। इस अचैटमेंट पर क्लिक करते ही कम्प्यूटर्स लॉक हो गया और फिर फिरौती मांगी गई।
आप ऐसे बच सकते हैं : यदि आपका पर्सनल या कॉर्पोरेट सिस्टम पुराने विंडोज वर्जन यानी XP, 8 या खासतौर पर Server 2003 पर चलता है तो आपको तुरंत माइक्रोसॉफ्ट का नया सुरक्षा अपडेट इंस्टॉल करने की जरूरत है। अंजान आईडी से मिले ई-मेल बिलकुल न खोलें। हालांकि अधिकांश मामलों में यह वायरस यूजर से संपर्क में आए बगैर भी फेल गया है। कई देशों ने तो ऐसी मशीनों को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करने का फैसला कर लिया है जिनमें सिक्यॉरिटी फीचर्स नहीं हैं।
क्या कदम उठाएं : एंटीवायरस अपडेट करें और उसे तुरंत रन करें। हालांकि ये प्रयास रैंसमवेयर के अधिकांश मामलों में नाकाम रहे हैं। अपना सिस्टम तुरंत बंद कर दें और आईटी एक्सपर्ट की सलाह लें। इसके अवाला कोई दूसरा उपाय अभी दुनिया में किसी को नहीं सूझा है। बड़ी संख्या में पीड़ित 300 डॉलर की फिरौती छूट रहे हैं, लेकिन इस बात की संभावना बहुत कम है कि यह हमला दोबारा नहीं होगा। (एजेंसी)
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