Publish Date: Thu, 07 Feb 2019 (16:54 IST)
Updated Date: Thu, 07 Feb 2019 (17:12 IST)
नई दिल्ली। देश में 90 फीसदी से अधिक लोग यात्री वाहनों में रियर सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं और इस सीट बेल्ट के उपयोग को अनिवार्य बनाने वाले कानून के बारे में भी मात्र 27.7 प्रतिशत लोग ही जानते हैं। यात्री वाहन बनाने वाली कंपनी निसान इंडिया और सेवलाइफ फाउंडेशन की यहां जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में 98.2 प्रतिशत लोग रियर सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं, जबकि लखनऊ, जयपुर और कोलकाता में कोई भी व्यक्ति इस बेल्ट का उपयोग नहीं करता है। यात्री वाहन मालिकों में से 70.5 प्रतिशत को यह पता है कि उनके वाहन में रियर सीट बेल्ट है और उनमें से मात्र 7 प्रतिशत ही इसका नियमित तौर पर उपयोग करते हैं।
वाहन में बैठने के दौरान रियर सीट बेल्ट लगाने को अनिवार्य बनाए जाने के बारे में जहां 27.7 प्रतिशत लोग जानते हैं वहीं 37.8 प्रतिशत लोगों को इस कानून के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 23.9 प्रतिशत लोग रियर सीट बेल्ट को लेकर जागरूक नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें शामिल ऐसे लोग जो अपने बच्चों को पिछली सीट पर बैठाते हैं उनमें से 77 फीसदी का कहना था कि वे इस सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं।
रिपोर्ट में कहा कि गया है कि रियर सीट बेल्ट के उपयोग में बढ़ोतरी नहीं होने का एक प्रमुख कारण इस संबंध में बने कानून का कमजोर क्रियान्वयन है। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 91 फीसदी ने कहा है कि रियर सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने पर पुलिस ने कभी भी उन्हें नहीं रोका है।
सांकेतिक फोटो