Publish Date: Thu, 02 Aug 2018 (22:22 IST)
Updated Date: Thu, 02 Aug 2018 (22:34 IST)
बालेश्वर। भारत ने गुरुवार को ओडिशा तट पर स्थित परीक्षण रेंज से स्वदेश में विकसित सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल अपनी तरफ आने वाली दुश्मन की मिसाइल को मार गिराने में सक्षम है।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से आज सुबह साढ़े ग्यारह बजे डीआरडीओ ने बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर एडवांस्ड एरिया डिफेंस (एएडी) का सफल परीक्षण किया। परीक्षण को सफल करार देते हुए उसने कहा, 'मिशन के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को सफल परीक्षण पर बधाई दी।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'डीआरडीओ इंडिया ने सफलतापूर्वक बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर एडवांस्ड एयर डिफेंस का साढ़े ग्यारह बजे ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया और मिशन के सभी लक्ष्यों को सटीक तरीके से हासिल किया गया। यह मिसाइल 15 से 25 किलोमीटर की ऊंचाई पर दुश्मन की तरफ से आने वाली मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है।' इस इंटरसेप्टर में नौवहन प्रणाली, एक हाईटेक कंप्यूटर और विद्युत-यांत्रिक उत्प्रेरक लगे हैं।
इंटरसेप्टर मिसाइल का अपना खुद का मोबाइल लांचर होता है। इसके अलावा स्वतंत्र ट्रैकिंग क्षमता होती है, इसमें अत्याधुनिक रडार होता है। इंटरसेप्शन के लिए सुरक्षित डाटा लिंक भी होता है।
मंत्रालय ने कहा कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ इस परीक्षण के गवाह बने। इस मौके पर कई दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सूत्रों ने कहा कि इंटरसेप्टर, एक उन्नत वायु रक्षा मिसाइल है जिसे अभी कोई औपचारिक नाम नहीं दिया गया है। मिसाइल को डॉक्टर अब्दुल कलाम द्वीप के एकीकृत परीक्षण रेंज पर स्थित लॉन्चपैड संख्या-4 पर लगाया गया और यह समुद्र की सतह पर हवा में स्थित अपने लक्ष्य पर निशाना साधने के लिए बढ़ गई।
बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों के तहत विकसित यह प्रक्षेपास्त्र दुश्मन की तरफ से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है। (भाषा)