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आईआईटी खड़गपुर का एक्सिलरेटर सेंटर विकसित करेगा आवास-निर्माण की तकनीक

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शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021 (12:58 IST)
नई दिल्ली, देश में स्थापित सबसे पुराने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने आवास निर्माण क्षेत्र में नवाचारों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) के साथ एक सहमति पत्र यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस एमओयू के अंतर्गत आईआईटी खड़गपुर में शोध एवं विकास के लिए एक्सिलरेटर सेंटर विकसित किया जाएगा। भारत में आवासीय क्षेत्र को प्रोत्साहन देने पर इन दिनों विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज-इंडिया (जीएसटीसी-इंडिया) के तत्वावधान में संचालित अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सिलरेटर्स-इंडिया (आशा-इंडिया) जैसी पहल अपने आप में अनूठी है।

इस दिशा में अब आईआईटी खड़गपुर और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के हाथ मिलाने से किफायती आवास निर्माण की मुहिम में और तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।

आईआईटी खड़गपुर में वास्तुशिल्प एवं क्षेत्रीय नियोजन (आर्किटेक्चर एंड रीजनल प्लानिंग) के प्रोफेसर सुब्रत चट्टोपाध्याय ने इस साझेदारी के विषय में कहा, 'इस गठजोड़ का उद्देश्य भारत में आवास निर्माण के लिए नवाचार के ऐसे उपाय तलाशना है जिनसे न केवल भवन निर्माण के कार्य में गति आए, बल्कि वह किफायती और पर्यावरण हितैषी भी हो। भवन निर्माण तकनीक ऐसी हो जिसके द्वारा निर्मित आवास आपदाओं का भी बेहतर तरीके से सामना करने में सक्षम हो। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक दिग्गजों का साथ लेकर उन्हें शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय करेंगे।'

वहीं आशा-इंडिया पहल के माध्यम से केंद्र को डिजाइन नियमावली, कंस्ट्रक्शन मैनुअल्स और प्रयोगशाला से लेकर जमीनी स्तर पर तकनीक को रूपांतरित करने के लिए आवश्यक सभी साधन उपलब्ध होंगे। इस समय आईआईटी खड़गपुर से संबद्ध शिक्षा एवं शोध के उत्कृष्ट केंद्र कई माध्यमों से जनकल्याण शोध एवं संपर्क के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ आईआईटी खड़गपुर की इस नई साझेदारी पर संस्थान के निदेशक प्रो. वीरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार, 'शोध के मोर्चे पर विभिन्न क्षेत्रों में हमारे कार्य ने हमें विभिन्न पहलुओं में अपने योगदान के लिए उन्मुख किया है। यह योगदान केवल किफायती तकनीक को लेकर ही नहीं, अपितु स्मार्ट एवं समग्र समाधान उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उसी तरह आईआईटी खड़गपुर में यह नया सेंटर ज्ञान के सृजन एवं तकनीकी विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। (इंडिया साइंस वायर)

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