Publish Date: Mon, 24 Apr 2017 (14:27 IST)
Updated Date: Mon, 24 Apr 2017 (14:31 IST)
देशभर में ट्रिपल तलाक के मामले अब उजागर होन लगे हैं। ताजा मामले में उत्तर प्रदेश के अमरोहा की रहने वाली एक राष्ट्रीय खिलाड़ी ने अपनी पीड़ा व्यक्ति की है। दरअसल, ससुराल से निकाले जाने के बाद यह राष्ट्रीय खिलाड़ी अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है, न्याय के लिए इसे अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उसके शौहर पर आरोप है कि उसने दहेज की खातिर शुमायना शरीफ को उसके बर्थडे के दिन ही तलाक दे दिया। शुमायना को उसके पति ने दुबई से व्हाट्सएप्प पर तलाक का मैसेज भेजकर तलाक दे दिया।
यूपी में अमरोहा शहर के मुहल्ला पीरजादा निवासी जावेद इकबाल की बेटी शुमायना बचपन से ही बेहतरीन खिलाड़ी थीं। शुमायला नेटबॉल में सात बार नेशनल और चार बार ऑल इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। बेहतरीन खिलाड़ी होने के कारण उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा भी गया है।
शुमायना का निकाह 9 फरवरी, 2014 को नवाबों के शहर लखनऊ के गोसाईगंज के मोहनलालगंज निवासी फारुख अली के बेटे आजम अब्बासी से हुआ था। शादी के कुछ ही महीने बाद ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान करने लगे। बकौल शुमायना, दहेज की मांग पूरी न होने पर उन्हें जलाकर मारने की कोशिश भी की गई। शुमायला कहती हैं कि वह गर्भवती हुईं तो ससुराल वालों ने नियम-कानून को ताक पर रखकर भ्रूण लिंग की जांच कराई। जांच में उनके गर्भ में बेटी होने का पता चला। इसके बाद ससुराल वालों ने उनसे मुंह मोड़ लिया।
एक दिन ससुराल वालों ने गर्भवती शुमायना को घर से निकाल दिया। शुमायना ने अमरोहा स्थित मायके में ही एक बिटिया को जन्म दिया। शुमायना ने बताया कि मैं बेटी को लेकर ससुराल पहुंची तो उन्होंने आठ अप्रैल, 2015 को मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया और कहा कि फिर वापस मत आना।
शुमायना पर दूसरे आदमी के लिए सरोगेट मदर बनने का भी दबाव गया। शुमायना कहती हैं कि 25 अप्रैल, 2015 को उन्होंने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया तो पति ने तलाक दे दिया। तभी से वह न्याय के लिए भटक रही हैं। शुमायना ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि योगी सरकार न्याय जरूर दिलाएगी। उन्होंने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खत भी लिखा है।