Publish Date: Thu, 03 Apr 2025 (19:08 IST)
Updated Date: Thu, 03 Apr 2025 (19:17 IST)
Tree felling case : उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के बगल वाले भूखंड पर तेलंगाना सरकार को पेड़ों के संरक्षण के अलावा किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि नहीं करनी चाहिए। पीठ ने तेलंगाना के मुख्य सचिव से पूछा कि राज्य द्वारा पेड़ों को हटाने समेत विकासात्मक गतिविधियां शुरू करने की तत्काल इतनी क्या मजबूरी है। मुख्य सचिव को यह भी बताने का निर्देश दिया गया कि क्या राज्य ने ऐसी गतिविधियों के लिए पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
राज्य में पेड़ों की कटाई को बहुत गंभीर मामला बताते हुए न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा उसके समक्ष पेश की गई अंतरिम रिपोर्ट चिंताजनक तस्वीर पेश करती है।
रिपोर्ट में अदालत को बताया गया कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। पीठ ने तेलंगाना के मुख्य सचिव से पूछा कि राज्य द्वारा पेड़ों को हटाने समेत विकासात्मक गतिविधियां शुरू करने की तत्काल इतनी क्या मजबूरी है। मुख्य सचिव को यह भी बताने का निर्देश दिया गया कि क्या राज्य ने ऐसी गतिविधियों के लिए पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 16 अप्रैल निर्धारित की। इससे पहले दिन में न्यायालय ने हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटी 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई मामले का संज्ञान लेते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र का तत्काल दौरा करने का निर्देश दिया। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Thu, 03 Apr 2025 (19:08 IST)
Updated Date: Thu, 03 Apr 2025 (19:17 IST)