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'बैंड-बाजा लेकिन नो बारात', गुजरात की ये महिला करने जा रही है खुद से शादी

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गुरुवार, 9 जून 2022 (11:37 IST)
वडोदरा। भारतीय संस्कृति में विवाह उस पवित्र बंधन को कहा जाता है, जिसमें बंधकर दो लोग जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाते हैं। आपने अपने जीवन में कई अनोखे विवाह देखें होंगे मगर ऐसी आशा है कि वो सभी विवाह दो लोगों के बीच ही हुए होंगे। लेकिन, 11 जून 2022 को ये देश एक ऐसा विवाह देखेगा जो किसी ने कभी नहीं देखा होगा। बात हो रही है गुजरात की रहने वाली क्षमा बिंदु की, जो खुद से शादी करने जा रही हैं। 
 
इस तरह की शादियों को 'सोलोगेमी' कहा जाता है। पश्चिमी देशों में इसका चलन कई सालों से है। भारत में सोलोगेमी का यह पहला मामला है। गुजरात की रहने वाली क्षमा बिंदु एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। उनकी शादी में बैंड-बाजा तो होगा, लेकिन बारात नहीं होगी। उन्होंने मांग में सिन्दूर भरने से लेकर हनीमून मनाने के लिए गोवा जाने तक सब कुछ प्लान करके रखा है। 
 
क्षमा कहती हैं कि ये भारत की पहली सोलो वेडिंग होने वाली है। मैं कभी शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन मैं दुल्हन बनना चाहती थी। इसलिए मैंने खुद से शादी करने का फैसला किया। 
 
उन्होंने कहा कि सोलो वेडिंग आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance) का कार्य है। आसान शब्दों में कहूं तो लोग उससे शादी करते है, जिससे वो प्यार करते है। मैं खुद से प्यार करती हूं इसलिए मैंने ये फैसला लिया। 
 
एक अंग्रेजी समाचार पत्र के अनुसार क्षमा कहती है कि मेरे द्वारा इस कदम  की वजह समाज को यह संदेश देना है कि ' महिलाएं मायने रखतीं है।' कुछ लोग इस तरह की शादी को अप्रासंगिक मान सकते है। लेकिन, मैं इसे पूर्ण रूप से सामान्य मानती हूं।
 
अपने इस फैसले पर परिवार की प्रतिक्रिया के बारे में बोलते हुए, क्षमा ने कहा कि मेरे माता-पिता ने मुझे इस रिश्ते के साथ आगे बढ़ने के लिए आशीर्वाद दिया है। ये विवाह गुजरात के वडोदरा में गोत्री स्थित एक मंदिर में होगा। क्षमा ने विवाह के लिए पांच मन्नतें भी तैयार की है। 
 

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