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त्रिपुरा में कोई मस्जिद नहीं तोड़ी गई, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा- सोशल मीडिया पर फैलाई गई फर्जी खबरें

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, शनिवार, 13 नवंबर 2021 (23:37 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा में एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें फर्जी हैं और गलतबयानी की गई है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि त्रिपुरा में ऐसी किसी भी घटना में साधारण या गंभीर रूप से घायल होने अथवा बलात्कार या किसी व्यक्ति की मौत की कोई सूचना नहीं है जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है।

गृह मंत्रालय ने कड़े शब्दों वाले बयान में कहा कि हाल के दिनों में त्रिपुरा में किसी मस्जिद के ढांचे के क्षतिग्रस्त होने का कोई मामला सामने नहीं आया है और लोगों को शांत रहना चाहिए और ऐसी फर्जी खबरों से गुमराह नहीं होना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा है, ऐसी खबरें फैलाई गई हैं कि त्रिपुरा में गोमती जिले के काकराबन इलाके में एक मस्जिद को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ये खबरें फर्जी हैं और गलतबयानी हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि काकराबन के दरगाबाजार इलाके में मस्जिद को नुकसान नहीं हुआ है और गोमती जिले में त्रिपुरा पुलिस शांति बनाए रखने के लिए काम कर रही है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र में हिंसा और आपत्तिजनक बयानबाजी की सूचना मिली है, जिनका उद्देश्य त्रिपुरा के बारे में फर्जी खबरों के आधार पर शांति और सद्भाव को बिगाड़ना है। मंत्रालय ने कहा यह बहुत चिंताजनक है और यह आग्रह किया जाता है कि हर कीमत पर शांति बनाए रखी जाए।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में त्रिपुरा में किसी भी मस्जिद के ढांचे को नुकसान पहुंचाने का कोई मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा, इन घटनाओं में किसी व्यक्ति के साधारण या गंभीर रूप से जख्मी होने अथवा बलात्कार या मौत की कोई शिकायत नहीं मिली है जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है।

त्रिपुरा में हुई घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम संगठनों द्वारा निकाली गई रैलियों के बाद महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमरावती शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं 3 दिनों के लिए बंद कर दी गई हैं।

महाराष्ट्र के अमरावती में त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार को रोकने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपने के लिए शुक्रवार को 8,000 से अधिक लोग जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमा हुए थे। अमरावती, नांदेड़, मालेगांव, वाशिम और यवतमाल से हिंसा की सूचना मिली थी। शुक्रवार की घटनाओं के संबंध में पुलिस ने अब तक दंगा सहित विभिन्न आरोपों में 20 प्राथमिकी दर्ज कर 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य को हिरासत में लिया है।(भाषा)

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