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UP के लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, 8 की मौत, CM योगी बोले- दोषियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई

हमें फॉलो करें UP के लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, 8 की मौत, CM योगी बोले- दोषियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई
, रविवार, 3 अक्टूबर 2021 (22:34 IST)
लखीमपुर खीरी। उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को यहां भड़की हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। यह घटना तिकोनिया कोतवाली क्षेत्र के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई। खबरों के मुताबिक दो एसयूवी वाहनों द्वारा कथित रूप से प्रदर्शनकारियों को टक्कर मारे जाने के बाद नाराज किसानों ने दो एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में आग लगा दी।
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दोषियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई : योगी आदित्यानाथ ने कहा जनपद लखीमपुर खीरी में घटित हुई घटना अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तरप्रदेश सरकार इस घटना के कारणों की तह में जाएगी तथा घटना में शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी व दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी। 
 
मौके पर शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव नियुक्ति, कार्मिक एवं कृषि, एडीजी कानून-व्यवस्था, आयुक्त लखनऊ तथा आईजी लखनऊ मौजूद हैं तथा स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं। घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी। 
 
क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे किसी के बहकावे में न आएं व मौके पर शान्ति-व्यवस्था कायम रखने में अपना योगदान दें। किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मौके पर हो रही जांच तथा कार्यवाही का इंतजार करें।
 
खीरी के जिलाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने तिकोनिया में मीडियाकर्मियों को बताया कि इस घटना में चार किसान और चार अन्य (एसयूवी सवार) मारे गए।

इस बीच मृतक किसानों की पहचान बहराइच जिले के नानपारा निवासी दलजीत सिंह व गुरविंदर सिंह तथा पलिया-खीरी के लवप्रीत सिंह और नछत्तर सिंह के रूप में हुई है। दो एसयूवी चालकों समेत चार अन्य की पहचान अभी नहीं हो पाई है। किसान मौर्य के बनबीरपुर दौरे का विरोध कर रहे थे जो केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव है।
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प्रदर्शनकारियों को कथित रूप से कुचले जाने की घटना से नाराज लोगों ने दो गाड़ियों को जबरन रोककर उनमें आग लगा दी। उन्होंने कथित तौर पर कुछ यात्रियों की भी पिटाई की है। किसानों का आरोप है कि एक वाहन में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा का बेटा सवार था, हालांकि मिश्रा ने आरोप को खारिज किया है।
 
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और घटना के लिए भाजपा और गृह राज्यमंत्री के पुत्र पर आरोप लगाया है। इस बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र ने एक चैनल से कहा कि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को साथ लाने के लिए कुछ कार्यकर्ता जा रहे थे। रास्ते में तिकुनिया में धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कार्यकर्ताओं की गाड़ी पर पथराव कर दिया जिससे वह गाड़ी पलट गई। उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए। उनमें से शायद एक दो लोगों की मृत्यु भी हुई है।
 
उन्होंने कहा कि इस घटना में उनके बेटे की कोई संलिप्तता नहीं है। घटना के वक्त उनके पुत्र कार्यक्रम में मौजूद थे। ऐसे में इस घटना में उनके बेटे की संलिप्तता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। गृह राज्यमंत्री ने दावा किया ‍कि कार्यकर्ताओं ने नहीं बल्कि किसानों ने कार्यकर्ताओं पर हमला किया। वहां किसानों के रूप में कुछ अराजक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने ही घटना को अंजाम दिया है। इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी। इससे पहले लखनऊ में प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने दो किसानों समेत छह लोगों की मौत की बात कही थी।
 
अधिकारकी ने कहा कि एक काफिला जा रहा था, जिसे (किसानों द्वारा) काले झंडे दिखाए गए थे। इस बीच काफिले के साथ चल रहे दो-तीन वाहन पीछे छूट गए और उनमें से एक वाहन पलट गया और दो किसान उसके नीचे आ गए तथा उनकी मौत हो गई। प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने कहा ‍कि इसके बाद जो वाहन उसके पीछे था वह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों और चालकों को वाहनों से बाहर निकाला गया, और उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। कुल मिलाकर चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति अब नियंत्रण में है। इस बीच हिंसा के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री मौर्य का बनबीरपुर गांव का दौरा रद्द कर दिया गया।
 
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर में किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना की जांच उत्तर प्रदेश प्रशासन से न कराकर उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए। इस बीच किसान आंदोलन से जुड़े योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारियों को दो गाड़ियों से कुचले जाने के विरोध में सोमवार को देशभर में किसान जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर धरना देंगे।
 
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा ‍कि कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय क्रूर कृत्य है।” यादव ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। 
 
उन्होंने ट्वीट किया कि लखीमपुरी खीरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता तेजिन्दर सिंह विर्क जी से अभी थोड़ी बात हो पाई, उनकी अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराए।  अखिलेश ने आगे लिखा, ‘‘बस एक मांग, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें।’
 
बसपा अध्यक्ष और राज्य की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर कहा, “उप्र के जिला लखीमपुर खीरी में तीन कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर केन्द्रीय मंत्री के पुत्र द्वारा कथित तौर पर कई किसानों की गाड़ी से रौंद कर की गई हत्या अति-दुःखद। यह भाजपा सरकार की तानाशाही व क्रूरता को दर्शाती है जो कि इनका असली चेहरा भी है।” 
 
उन्होंने कहा, “इस घटना के संबंध में भी पीड़ितों को सरकार से उचित न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट इस दुःखद घटना का स्वयं ही संज्ञान ले, बीएसपी की यह मांग। साथ ही, बीएसपी के स्थानीय प्रतिनिधिमंडल को भी घटनास्थल पर जाने का निर्देश।” भारतीय किसान यूनियन ने ट्वीट कर दावा किया, “लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों को गृह राज्यमंत्री के बेटे ने गाड़ी से रौंदा, तीन किसानों की मौत, तेजेंद्र सिंह विर्क के भी घायल होने की सूचना है। राकेश टिकैत गाजीपुर से निकल रहे हैं।”
 
राष्‍ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्वीट किया, “लखीमपुर खीरी से दिल दहलाने वाली खबरें आ रही हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का काफिला आंदोलनकारी किसानों पर चढ़ा दिया गया। दो किसानों की मौत हो गई और कई घायल हैं।” चौधरी ने आगे लिखा, “विरोध को कुचलने का काला कृत्य जो किया है, साजिश जब मंत्री रच रहे हैं, फिर कौन सुरक्षित है।”
 
इधर, विपक्षी दलों ने लखीमपुर जाने के लिए अपनी घोषणा कर दी है। समाजवादी पार्टी के अनुसार सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे जबकि कांग्रेस महासचिव और उत्‍तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के भी सोमवार को वहां जाने की खबर है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी जाएंगी और पीड़ित किसानों से मुलाकात करेंगी। प्रियंका आज देर रात लखनऊ पहुंच जाएंगी।

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