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फलोदी, कोलकाता नहीं, अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ ने कर दी बंगाल चुनाव पर विस्‍फोटक भविष्‍यवाणी, ट्रेडिंग में व्हेल ट्रेडर्स की एंट्री

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पश्‍चिम बंगाल में चुनाव हो चुके हैं। 4 मई को परिणाम आते ही साफ हो जाएगा कि बंगाल पर ममता दीदी का ही राज होगा या पीएम मोदी का होगा कब्‍जा। लेकिन इसके पहले कई सट्टा बाजार सक्रिय हो गए हैं। राजस्‍थान के फलोदी सट्टा बाजार ने अपनी भविष्‍यवाणी कर दी है। लेकिन सबसे विस्‍फोटक भविष्‍यवाणी भारत से नहीं बल्‍कि भारत के बाहर से आ रही है। जी, हां। बंगाल चुनाव पर एक भविष्‍यवाणी अमेरिका के पॉली मार्केट से आ रही है। यह अपनी तेज़ और सटीक भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है, जो मुख्यधारा के मीडिया से पहले संभावित नतीजों को उजागर कर सकता है।

हैरान करने वाली बात है कि अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ सट्टाबाजार में 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इसमें ‘व्हेल ट्रेडर्स’ यानी उन बड़े खिलाड़ियों की एंट्री हो चुकी है जो लाखों डॉलर एक साथ निवेश करते हैं। रिपोर्ट में ‘KairosHunter’ नाम के एक प्रोफाइल का जिक्र है, जिसने बीजेपी की जीत के ‘Yes’ वाले 1,05,417 शेयर खरीदे हैं। कुल मिलाकर फलोदी सट्टा, दिल्‍ली और कोलकाता नहीं, बल्‍कि अमेरिका के ‘पॉलीमार्केट’ ने तहलका मचा दिया है।
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बंगाल चुनाव ट्रेडिंग पर टूटे रिकॉर्ड : अमेरिकी प्रिडिक्शन मार्केट पॉलीमार्केट पर बंगाल चुनाव को लेकर हो रही ट्रेडिंग ने सबको हैरान कर दिया है। वियॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म पर निवेशक सीधे तौर पर अपनी राय और पैसा लगा रहे हैं। 29 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार इस ऑनलाइन बाजार में करीब 4.8 मिलियन डॉलर का व्यापार बंगाल चुनाव के नतीजों पर हुआ है। यह पहली बार है जब किसी राज्य के चुनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा आर्थिक दांव देखा जा रहा है। बाजार में बीजेपी की जीत की संभावना 56 प्रतिशत और टीएमसी की 43 प्रतिशत दिखाई जा रही है, जबकि अन्य दल 1 प्रतिशत से भी नीचे हैं।

अमेरिकी बाजार में 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट में बंगाल चुनाव पर 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जीत-हार का पूरा गणित बदल गया है। जहां पहले ममता बनर्जी की टीएमसी को पसंदीदा पार्टी माना जा रहा था, वहीं अब विदेशी सट्टेबाज बीजेपी की जीत पर भारी दांव लगा रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो बीजेपी की जीत की संभावना अब 56 फीसदी के पार निकल गई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

दूसरे फेज की वोटिंग के बाद कैसे पलटा पांसा : बंगाल चुनाव में सट्टे पर असली ट्विस्ट दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आया। अप्रैल की शुरुआत में इसी पॉलीमार्केट पर टीएमसी को 75-80 प्रतिशत के साथ सबसे मजबूत बताया जा रहा था, तब बीजेपी महज 20-25 प्रतिशत पर थी। लेकिन पहले चरण की वोटिंग के बाद यह आंकड़ा 54 प्रतिशत पर पहुंचा और दूसरे चरण की हिंसा और भारी मतदान के बाद बीजेपी अब 56 प्रतिशत के साथ सबसे आगे निकल गई है। यह ट्रेंड बताता है कि जैसे-जैसे वोटिंग बढ़ रही है, सट्टेबाजों का भरोसा बीजेपी की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिसने बंगाल की सत्ता की लड़ाई को बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी आगे : पॉलीमार्केट के डेटा का एक और रोचक बात यह है कि भले ही जीत की संभावना बीजेपी की ज्यादा बताई जा रही है, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी अब भी काफी आगे है। रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी पर करीब 1.8 मिलियन डॉलर की ट्रेडिंग हुई है, जबकि बीजेपी पर यह आंकड़ा 1.1 मिलियन डॉलर है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीएमसी पर ज्यादा वॉल्यूम होने का मतलब है कि कई लोग उसकी हार पर दांव लगा रहे हैं या फिर कुछ बड़े सट्टेबाज भारी रकम के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव पैदा कर रहे हैं।

क्‍या कहते हैं दिल्ली और फलोदी सट्टा बाजार : अमेरिकी बाजार बीजेपी की जीत बता रहा है, वहीं दिल्ली और राजस्‍थान का फलोदी के सट्टा बाजारों के आंकड़े थोड़े अलग हैं। दिल्ली सट्टा बाजार के मुताबिक, टीएमसी को 146-149 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी 140-143 सीटों के साथ कड़ी टक्कर दे रही है। भारतीय बाजारों में अभी भी मुकाबला बराबरी का माना जा रहा है। वियॉन की रिपोर्ट कहती है कि यह अंतर इसलिए भी हो सकता है क्योंकि पॉलीमार्केट में कई विदेशी निवेशक और वीपीएन का इस्तेमाल करने वाले भारतीय शामिल हैं, जिनकी सोच स्थानीय सट्टा बाजारों से अलग हो सकती है।

बड़े खिलाड़ियों की एंट्री से हड़कंप : सट्टा बाजार में ‘व्हेल ट्रेडर्स’ यानी उन बड़े खिलाड़ियों की एंट्री हो चुकी है जो लाखों डॉलर एक साथ निवेश करते हैं। रिपोर्ट में ‘KairosHunter’ नाम के एक प्रोफाइल का जिक्र है, जिसने बीजेपी की जीत के ‘Yes’ वाले 1,05,417 शेयर खरीदे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अकेले इस खिलाड़ी ने बीजेपी की जीत पर 44 हजार से 60 हजार डॉलर के बीच दांव लगाया है। जब कोई बड़ा निवेशक इतनी मोटी रकम लगाता है, तो बाजार का पूरा समीकरण बदल जाता है। इसी वजह से बीजेपी का जीत प्रतिशत अचानक बढ़ गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ रूम्स तक चर्चा गर्म है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

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