VP Candidate CP Radhakrishnan : भाजपा संसदीय बोर्ड ने महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में रविवार को नामित किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जे पी नड्डा ने यह घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन के नाम पर फैसला किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि वाले राधाकृष्णन तमिलनाडु के एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। नड्डा ने ओबीसी नेता और दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके राधाकृष्णन (67) को इस संवैधानिक पद पर सर्वसम्मति से चुने जाने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने पिछले सप्ताह विपक्षी दलों से बात की थी और आगे भी करते रहेंगे।
नड्डा ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने भाजपा वार्ताकारों से कहा है कि वे सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार के बारे में बताए जाने के बाद ही अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उनसे फिर संपर्क करेगी।
एक तीर से कई निशाने
भाजपा ने सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान करने के साथ ही आरएसएस को भी खुश कर दिया है। राधाकृष्णन 16 साल की उम्र से आरएसएस से जुड़े हुए हैं। वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने थे। भाजपा ने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर राधाकृष्णन के नाम का ऐलान कर एक तीर से कई निशाने साधे है।
लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल में भाजपा और उसके सहयोगियों के पास पर्याप्त बहुमत होने के कारण, राधाकृष्णन का निर्वाचन लगभग तय है और पार्टी को उम्मीद है कि उनकी पदोन्नति से उसे तमिलनाडु में पैठ बनाने में मदद मिलेगी, जहां अगले साल चुनाव होने हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु में प्रभावशाली गौंडर जाति, एक ओबीसी समुदाय से हैं।
नड्डा ने उनके लगभग 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न दलों और समाज के विभिन्न वर्गों में उनका सम्मान है। नड्डा ने कोयंबटूर के पूर्व सांसद के बारे में कहा कि उन्हें एक सम्मानित नेता माना जाता है। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन को 2023 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था और फिर जुलाई 2024 में महाराष्ट्र स्थानांतरित कर दिया गया था।
क्या बनेगा भाजपा का मास्टर स्ट्रोक
दक्षिण भारत की राजनीति में भाजपा की अब तक सीमित उपस्थिति रही है, बल्कि वह समग्र भारत की प्रतिनिधि बनना चाहती है। तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव से पहले राधाकृष्णन के नाम का ऐलान कर मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। इससे आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा हो सकता है। इसके अलावा तमिलनाडु के क्षेत्रीय दलों को भी सीपी राधाकृष्णन का विरोध करना आसान नहीं होगा।
अब क्या होगा कांग्रेस का दांव
कांग्रेस और विपक्षी दलों ने हाल के वर्षों में ओबीसी जनगणना और सामाजिक न्याय को लेकर मुखर भूमिका निभाई है। ऐसे में भाजपा ने राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाकर सीधा मुकाबला पेश कर दिया है।
राजनाथ सिंह करेंगे चुनाव की निगरानी
सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपराष्ट्रपति चुनाव की निगरानी करेंगे जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मतदान एजेंट होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के अलावा भाजपा नीत गठबंधन के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी राधाकृष्णन के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। यदि विपक्ष भी अपना उम्मीदवार घोषित कर देता है तो चुनाव 9 सितंबर को होगा। भाषा Edited by : Sudhir Sharma