Publish Date: Thu, 07 Oct 2021 (11:51 IST)
Updated Date: Thu, 07 Oct 2021 (11:54 IST)
नवरात्रि में घटस्थापना और कलश पूजा की जाती है जिसके साथ ही नौ दिनों के लिए अखंड दीपक भी लगाया जाता है। आओ जाते हैं कि अखंड दीपक लगाने के क्या है खास नियम।
1. इस दीपक को भूमि पर नहीं बल्कि एक लकड़ी के पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर रखना चाहिए।
2. यह अखंड ज्योतिष नौ दिनों तक जलाई जाती है। जब तक घर में अखंड ज्योति जले घर को सूना न छोड़ें। कोई न कोई सदस्य जरूर घर में मौजूद रहें।
3. अखंड दीपक ज्योति की विधि विधान से पूजा करके उसे स्थापित किया जाता है।
4. अखंड दीपक में शुद्ध देसी घी का उपयोग करना अच्छा होता है परंतु यदि ऐसा संभव न हो सके तो तिल या सरसों के तेल का उपयोग करें।
5. अखंड दीपक की लौ 9 दिनों तक नहीं बुझे इसके पूरे इंतजाम करें। इसके लिए दीपक बड़ा और रुई की बत्ती अच्छी मोटी होना चाहिए या नाड़े का उपयोग करें। इसकी लंबाई ज्यादा रखें ताकि वह 9 दिनों तक जलता रहे।
6. अखंड लौ को कभी पीठ न दिखाएं। पूजा करते समय माता और अखंड ज्योति की तरफ ही मुंह करके ही बैठें।
7. अखंड ज्योति को कभी भी गंदे हाथों से न छुएं।
8. अखंड ज्योतिष के सामने प्रतिदिन उचित समय पर मंत्र का जाप करते रहें।
9. यदि घर में अखंड ज्योति प्रज्वलित नहीं कर पा रह हैं तो मंदिर में जाकर ज्योति के लिए घी दान करें और मंत्र जाप करें।
10. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि अखंड ज्योति प्रज्वलित कर रखी है तो नवरात्रि समाप्त होने पर भी दीपक को स्वयं ही ठंडा होने दें, उसे बुझाने की गलती न करें।
1. घट स्थापना मुहूर्त : घट स्थापना का समय या मुहूर्त प्रात:काल 06 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। स्थानीय पंचांग भेद के अनुसार मूहूर्त में घट-बढ़ हो सकती है।