Publish Date: Thu, 30 Jan 2025 (10:59 IST)
Updated Date: Thu, 30 Jan 2025 (10:52 IST)
गुप्त नवरात्रि का महत्व : यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र और गुप्त सिद्धियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की भी पूजा की जाती है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं। इस नवरात्रि में किए गए कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है। यह नवरात्रि तांत्रिक सिद्धियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। बता दें कि वर्षभर में 2 बार गुप्त नवरात्रि भी पड़ती हैं। एक माघ मास में गुप्त नवरात्रि और दूसरी आषाढ़ माह की के गुप्त नवरात्रि।
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गुप्त नवरात्रि सरल पूजा विधि :
- गुप्त नवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को साफ करें।
- फिर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- मां दुर्गा को फूल, अक्षत, धूप, दीप आदि अर्पित करें।
- मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- अंत में आरती करें
गुप्त नवरात्रि में क्या करें, क्या न करें:
1. इस दौरान सात्विक भोजन ग्रहण करें।
2. ब्रह्मचर्य का पालन करें।
3. क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहें।
4. दिन में सोने से बचें।
5. रात में जागरण करें।
6. इस दौरान मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
7. किसी भी प्रकार का नशा न करें।
8. झूठ न बोलें और न ही किसी को धोखा दें।
9. किसी भी प्रकार की हिंसा न करें।
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