छठ पर्व की विशेष पहचान है ये 5 बातें, जो आपको जरूर जानना चाहिए

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का विशेष महत्व है। छठ पर्व 4 दिनों तक मनाया जाने वाला वह विशेष पर्व है, जो सूर्यदेव की आराधना के लिए बड़ा आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है। जानिए कितने चरणों में पूरा होता है यह पर्व - 
 
1 दीपावली के बाद भैयादूज के तीसरे दिन से छठ पर्व आरंभ होता है। 
 
2 यह पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। इसमें पहले दिन सैंधा नमक, घी से बना हुआ अरवा चावल और कद्दू की सब्जी प्रसाद के रूप में ली जाती है। 
 
3 अगले दिन से उपवास आरंभ होता है। इस दिन रात में खीर बनती है। व्रतधारी रात में यह प्रसाद लेते हैं। 
 
तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य यानी दूध अर्पण करते हैं। 
 
अंतिम यानी चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य चढ़ाते हैं। 
 
इस पूजा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इन दिनों लहसुन, प्याज वर्जित है। जिन घरों में यह पूजा होती है, वहां भक्तिगीत गाए जाते हैं।

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी

विज्ञापन
जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

LOADING