भैरवाष्टमी पर विशेष : भैरव के यह 6 मंत्र, करेंगे हर संकट का अंत

भैरव तंत्र में भैरव के प्रचलित मंत्र इस प्रकार हैं... 
 
॥ ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:॥
 
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाचतु य कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ॥  
 
काल भैरव की आराधना के लिए मंत्र है- 
॥ॐ भैरवाय नम:॥
 
बटुक भैरव : 'बटुकाख्यस्य देवस्य भैरवस्य महात्मन:। ब्रह्मा विष्णु, महेशाधैर्वन्दित दयानिधे॥'
 
- अर्थात्‌ ब्रह्मा, विष्णु, महेशादि देवों द्वारा वंदित बटुक नाम से प्रसिद्ध इन भैरव देव की उपासना कल्पवृक्ष के समान फलदायी है। बटुक भैरव भगवान का बाल रूप है। 
 
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय
 
कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं
 
बटुक-भैरव का मंत्र जिसका जप कहीं भी किया जा सकता है। 

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