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अक्टूबर माह 2020 के 7 बड़े व्रत एवं त्योहार यहां जानिए

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october ke vrat and tyohar 2020
हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्तमान में आश्विन माह में अधिक मास चला रहा है। अधिक मास 18 सितंबर से शुरू हो गया है और 16 अक्टूबर तक चलेगा। अश्विन माह इस बार 3 सितंबर से 31 अक्टूबर तक होगा। यह अवधि 59 दिनों की होगी। आओ जानते हैं अक्टूबर और अश्विन माह के 7 बड़े व्रत और त्योहार।
 
 
हिन्दू माह अश्‍विन माह में तो अब तक श्राद्ध पूर्णिमा, श्राद्ध पक्ष, इंदिरा श्राद्ध एकादशी, सर्वपितृ अमावस्या, पुरषोत्तम मास प्रारंभ, विनायक चतुर्थी, पुरुषोत्तमी एवं कमला एकादशी बीत चुके हैं और पंचक प्रारंभ हो चुका है जो कि 3 अक्टूबर तक रहेगा। अब अक्टूबर के अश्विन माह में आगे के 7 बड़े व्रत और त्योहार जानिए।
 
 
1. परमा एवं पापांकुशा एकादशी : 10 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र रहेगा और 13 अक्टूबर को जो एकादशी आ रही है उसे भी पुरुषोत्तमी और पद्मिनी अर्थात कमला एकादशी कहते हैं, परंतु कुछ विद्वान उसे परमा एकादशी भी कहते हैं जो धन-वैभव देती है तथा पापों का नाश कर उत्तम गति भी प्रदान करने वाली होती है। अश्विन माह की चौथी एकादशी 27 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी है। पापांकुशा एकादशी सभी पापों से मुक्त कर अपार धन, समृद्धि और सुख देती है।
 
2. शारदीय नवरात्रि : 16 अक्टूबर को पुरुषोत्तम मास समाप्त हो जाएगा और 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो जाएगा जो 25 अक्टूबर तक रहेगा। 24 अक्टूबर को महाअष्‍टमी का पूजन होगा। 
 
3. अग्रसेन महाराज जयंती : 17 अक्टूबर को अग्रसेन महाराज की जयंती भी रहेगी। 
 
4. दशहरा : इसके बाद 26 अक्टूबर को दशहरा अर्थात विजयादशमी का उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन रावण दहन किया जाता है और दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाता है।
 
5. शरद पूर्णिमा : इसके बाद 30 अक्टूबर को पंचक के दौरान शरद पूर्णिमा रहेगी। इस दिन व्रत की पूर्णिमा और कोजागरी व्रत भी रहेगा। 
 
6. प्रदोष व्रत : इस माह में 29 सितंबर के बाद 14 अक्टूबर और 28 अक्टूबर को प्रदोष व्रत रहेगा। 15 अक्टूबर को शिवचतुर्दशी व्रत और 20 अक्‍टूबर को विनायकी चतुर्थी व्रत रहेगा। 21 अक्टूबर को उपांग ललिता व्रत, 22 अक्टूबर को सरस्वती पूजा रहेगा तो 23 अक्टूबर को महानिशा पूजा होगी। जैन धर्म में 7 अक्टूबर को दिगंबरों के रोहिणी व्रत, 15 अक्टूबर से श्वेताबरों के पाक्षिक प्रतिक्रमण प्रारंभ होंगे। 12 से 16 अक्टूबर तक नर्मदा पंचकोशी यात्रा रहेगी।
 
7. कार्तिक स्नान : इसके बाद 31 अक्टूबर को पुण्य प्रदान करने वाला कार्तिक स्नान रहेगा। इस दिन से अश्‍विन माह समाप्त होकर कार्तिक माह लगेगा। इस दिन ने कार्तिक स्नान और दान नियम प्रारंभ हो जाएंगे।
 

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