Publish Date: Sat, 17 Nov 2018 (12:56 IST)
Updated Date: Sat, 17 Nov 2018 (13:00 IST)
जयपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुसलमानों से परहेज के बाद भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में भी मुस्लिम उम्मीदवारों से दूरी बनाती दिख रही है और डेढ़ सौ से भी अधिक उमीदवारों के चयन में उसने मुस्लिम समुदाय से किसी को भी टिकट नहीं दिया है, जबकि कांग्रेस ने 9 मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव लगाया है।
राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए भाजपा ने अब तक कुल 162 उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने अब तक 93 मौजूदा विधायकों पर दोबारा भाग्य आजमाया है। साथ ही पार्टी ने 11 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है जो भाजपा नेताओं के परिवारों से हैं। पार्टी ने 37 नए चेहरों को भी टिकट दिया है लेकिन इस सारी कवायद में मुस्लिम समुदाय को पूरी तरह दरकिनार किया गया है और अब तक एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया है।
अलबत्ता पार्टी ने बाड़मेर के तारामठ के गादिपति, महंत प्रताप पुरी को पोखरण सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प बनाने के लिए कांग्रेस ने बाड़मेर में अच्छा प्रभाव रखने वाले अपने नेता गाजी फकीर के बेटे सालेह खान को मैदान में उतारा है।
कुछ अन्य धर्माचार्य भी भाजपा से टिकट लेने की जुगत लगा रहे हैं। इनमें झुंझनू के लोहार्गल मठ के महंत अवधेशाचार्य नवलगंज शेखावटी से टिकट की जुगाड़ में हैं। महंत बालकनाथ के उत्तराधिकारी चांदनाथ भी बहरोड़ सीट से और आदित्यनाथ तिजारा सीट से टिकट की लाइन में हैं।