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डॉ. सतीश पूनिया को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित करने पर समर्थकों में खुशी की लहर

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सतीश पूनिया राज्यसभा प्रत्याशी
Satish Poonia Rajya Sabha: भाजपा के कद्दावर नेता, हरियाणा भाजपा के प्रभारी और राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया को पार्टी द्वारा राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने पर उनके परिजनों, करीबियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद से ही उन्हें लगातार बधाइयां मिलने का सिलसिला जारी है।

अजमेर सहित पूरे प्रदेश में जोरदार स्वागत

डॉ. सतीश पूनिया को प्रत्याशी बनाए जाने पर अजमेर निवासी और भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय खंडेलवाल, राजेश घाटे, चिराग चौधरी, अंकित गुर्जर, तिलक रावत, दीपक सिंह राठौड़ और अमित जैन (मकराना) सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर हर्ष व्यक्त किया और उनका जोरदार स्वागत किया।
 
इसके साथ ही सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (गैंगटक) के कुलसचिव प्रोफेसर (डॉ) रमेश कुमार रावत, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री सुशील कटारा और किसान नेता रामकिशन खींचर सहित राजस्थान व हरियाणा भाजपा के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत रूप से मिलकर, फोन, फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से डॉ. पूनिया को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

6 साल पुराना इंटरव्यू हुआ सच

डॉ. सतीश पूनिया को राज्यसभा टिकट मिलने के साथ ही उनका एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। दरअसल, 3 जुलाई 2020 को डॉ. सतीश पूनिया ने 'वेबदुनिया' (विश्व का पहला हिंदी न्यूज पोर्टल) के लिए डॉ. रमेश कुमार रावत को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा था कि मेरा मानना है कि सत्ता अथवा कुर्सी के लिए कोई संघर्ष नहीं होना चाहिए। हालांकि मुझे उम्मीद है कि जिस प्रकार पार्टी ने मुझे प्रदेशाध्यक्ष बनाकर सम्मानित किया है, उसी प्रकार पार्टी मेरे काम को ध्यान में रखकर भविष्य में भी सम्मान देगी।
 
आज करीब 6 साल बाद डॉ. पूनिया की कही वह बात बिल्कुल सच साबित हो गई है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने उनके जमीनी और सांगठनिक कार्यों को तवज्जो देते हुए उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से एक बार फिर साबित होता है कि भाजपा अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम का मूल्यांकन करती है।

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