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उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा, जल विद्युत परियोजना स्थल पर हुआ भूस्खलन, 12 मजदूर घायल

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हमें फॉलो करें 12 workers injured in landslide at hydropower project site in Chamoli Uttarakhand

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

गोपेश्‍वर , शनिवार, 2 अगस्त 2025 (20:05 IST)
Chamoli Uttarakhand News : उत्तराखंड के चमोली जिले में हेलंग के पास टीएचडीसी की विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना स्थल पर भूस्खलन होने से शनिवार को 12 मजदूर घायल हो गए। भूस्खलन के समय परियोजना स्थल पर लगभग 300 मज़दूर काम कर रहे थे। पहाड़ से पत्थर लुढ़कने लगे तो मजदूर जान बचाने के लिए भागे। 8 मज़दूरों को मामूली चोटें आईं, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायल मज़दूरों को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। परियोजना स्थल पर फिलहाल काम रोक दिया गया है।
 
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि भूस्खलन के समय परियोजना स्थल पर लगभग 300 मज़दूर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहाड़ से पत्थर लुढ़कने लगे तो मजदूर जान बचाने के लिए भागे। आठ मज़दूरों को मामूली चोटें आईं, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घायल मज़दूरों को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि एक मज़दूर के पैर में चोट आई है, जबकि दूसरे मजदूर को एम्बुलेंस से पौड़ी ज़िले के श्रीनगर स्थित एक अस्पताल ले जाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरे मजदूर की रीढ़ की हड्डी का एमआरआई होना है। तिवारी ने कहा कि एमआरआई रिपोर्ट से चोट की गंभीरता का पता चलेगा।
 
जिलाधिकारी ने कहा कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां लगभग 70 मजदूर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि परियोजना स्थल पर फिलहाल काम रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी को परियोजना स्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही काम फिर से शुरू करने के लिए कहा गया है। भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
टीएचडीसी जोशीमठ के पास हेलंग से अलकनंदा नदी के पानी को रोकने के लिए एक बैराज का निर्माण कर रहा है। इस बैराज से अलकनंदा नदी का पानी एक सुरंग के माध्यम से पीपलकोटी लाया जाएगा, जहां टर्बाइन के माध्यम से बिजली पैदा की जाएगी। इससे पहले 2021 में अलकनंदा नदी में आई बाढ़ के कारण बैराज का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।(भाषा)
(File Photo) 
Edited by : Chetan Gour

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