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Maharashtra Update: महाराष्ट्र में बाढ़ और भूस्खलन में 207 की मौत, कई लापता

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मंगलवार, 27 जुलाई 2021 (21:59 IST)
मुख्‍य बिंदु
  •  
  • महाराष्ट्र वर्षाजनित घटनाओं में 207 मृत
  • बड़े पैमाने पर भूस्खलन की घटनाएं
  • सांगली शहर और कई गांव बाढ़ की चपेट में
नई दिल्ली। बाढ़ प्रभावित महाराष्ट्र में मंगलवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 207 हो गई और भारी बारिश व कोयना बांध से पानी छोड़े जाने के कारण लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। वहीं, उत्तरी राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। दिल्ली में 8 साल में, जुलाई में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश हुई।
 
मौसम विज्ञान विभाग ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले 3 दिनों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। दिल्ली में बेशक मानसून देरी से आया हो लेकिन अब राजधानी में अच्छी खासी बारिश हो रही है। शहर में अब तक 381 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जो 2003 के बाद से जुलाई के लिए सबसे अधिक है।

 
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला ने मंगलवार सुबह केवल 3 घंटों में 100 मिमी बारिश दर्ज की। यह भी 8 साल में जुलाई महीने में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश है। वर्ष 2013 में, दिल्ली में 21 जुलाई को 123.4 मिमी बारिश हुई थी।
 
निर्धारित समय से 16 दिन देरी से 13 जुलाई को मानसून आने के बावजूद राजधानी में इस महीने अब तक 14 दिन ऐसे दर्ज किए गए हैं, जब बारिश हुई है। लगभग 19 वर्षों में सबसे अधिक देर से आया मानसून अब दिल्ली में जमकर बरस रहा है। निचले इलाकों में पानी भर रहा है और लंबे समय तक यातायात बाधित हो रहा है। दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। महाराष्ट्र में वर्षाजनित घटनाओं में मृतक संख्या मंगलवार को बढ़कर 207 हो गई है। सबसे अधिक प्रभावित रायगढ़ जिले में अकेले करीब 100 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 11 लोग अब भी लापता हैं। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी।

 
पिछले सप्ताह भारी बारिश से भीषण बाढ़ और राज्य में विशेषकर तटीय कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले सप्ताह से भारी बारिश और बाढ़ के कारण मारे गए 207 लोगों में सबसे अधिक 95 रायगढ़ जिले से हैं। इसके बाद सतारा में 45, रत्नागिरि में 35, ठाणे में 12, कोल्हापुर में सात, मुंबई उपनगर में चार, पुणे में 3, सिंधुदुर्ग, वर्ध और अकोला जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। बयान के अनुसार 11 लोग अब भी लापता हैं जबकि 51 लोग घायल हुए हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

 
बयान में कहा गया है कि रायगढ़, सतारा और रत्नागिरि जिलों में अधिकांश मौतें भूस्खलन के कारण हुईं जबकि कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ के कारण लोगों की जान गई। महाराष्ट्र में एक जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 294 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा प्रबंधन विभाग से एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय अधिकारी मुख्य रूप से दुर्गम इलाकों और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इससे उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।
 
बयान के अनुसार बाढ़ से 29,100 मवेशी भी मारे गए हैं जिनमें से ज्यादातर सांगली, कोल्हापुर, सतारा और सिंधुदुर्ग जिलों से हैं। पश्चिमी घाट के हिस्से सह्याद्री पहाड़ों पर बारिश ने सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर को बढ़ा दिया है जिसके कारण प्रशासन को और अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पड़ा है। अब तक 3,75,178 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है जिनमें से 2,06,619 अकेले सांगली से हैं।
 
उल्लेखनीय है कि सांगली जिले में भारी बारिश नहीं हुई, लेकिन सतारा जिले के कोयना बांध से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण सांगली शहर और कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। बांध कृष्णा नदी की एक सहायक नदी कोयना पर बनाया गया है। निकाले गए लोगों के लिए 259 राहत शिविर बनाए गए हैं जिनमें से 253 कोल्हापुर में और 6 रत्नागिरि जिलों में हैं। उत्तर की बात करे तो, पंजाब और पड़ोसी हरियाणा में अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से नीचे रहा, जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई।
 
हरियाणा के अंबाला में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, फरीदकोट और बठिंडा में अधिकतम तापमान क्रमश: 30.8 डिग्री सेल्सियस, 30.7 डिग्री सेल्सियस, 31.8 डिग्री सेल्सियस, 33.5 डिग्री सेल्सियस और 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर और राज्य के पश्चिमी भाग में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।
 
हालांकि, राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है जिसमें 33 में से केवल 11 जिलों में 1 जून से 26 जुलाई के बीच सामान्य बारिश हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3 दिनों के दौरान कोंकण और गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।(भाषा)

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