Publish Date: Fri, 20 Sep 2019 (23:24 IST)
Updated Date: Fri, 20 Sep 2019 (23:32 IST)
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोटबंदी के दौरान लाइन में लगीं उस गर्भवती महिला को अचानक मंच पर बुला लिया, जिन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया था और इसका नाम खुद अखिलेश ने 'खजांची' रखा था। अखिलेश ने कहा 'मैं मांग करता हूं कि रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया तथा पंजाब नेशनल बैंक नोटबंदी के समय बैंक के समक्ष लगी लाइन में पैदा हुए बालक खजांची को गोद ले अथवा उसको पर्याप्त मदद दें।'
दरअसल अखिलेश यादव जिस वक्त प्रेस वार्ता कर बहुजन समाज पार्टी छोड़कर आए कद्दावर नेताओं समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिला रहे थे, उसी दौरान उन्होंने ने पत्रकारों से बसपा छोड़कर सपा का दामन थामने वाले नेताओं का परिचय देते हुए अचानक नोटबंदी के दौरान लाइन में लगे लोगों की याद करते हुए कहा कि आज हमारे बीच वह माताजी भी हैं, जिन्होंने नोटबंदी का दर्द झेला है और बैंक के बाहर नन्हे से बच्चे को जन्म दिया था, जिसका नाम मैंने 'खजांची' रखा था।
अखिलेश ने कहा कि गर्व है आज हम सभी के बीच इस माताजी यहां समय मौजूद हैं। उन्होंने मंच पर खजांची को परिवार के साथ बुलाते हुए कहा कि मैं मांग करता हूं कि रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया तथा पंजाब नेशनल बैंक बालक खजांची को गोद लें।
बालक खजांची आज समाजवादी पार्टी कार्यालय, लखनऊ में अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस में अपनी मां की गोद में आया था। उससे बड़े दो भाई भी साथ थे। अखिलेश यादव ने कहा कि खजांची की गर्भवती मां जब पंजाब नेशनल बैंक में नोटबंदी के दौरान लाइन में लगी थी, तभी उसका जन्म हुआ था।
अखिलेश यादव ने कहा समाजवादी सरकार में उन्होंने खजांची की मदद की थी। आगे भी वह उसकी पढ़ाई तक मदद करेंगे। उन्होंने कहा अगर खजांची की मदद बैंकों और सरकारी तौर पर नहीं हुई तो समाजवादी सरकार बनने पर खजांची की और भी मदद की जाएगी।