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याद है न दया नायक, मनसुख हत्याकांड सुलझाने में निभाई अहम भूमिका

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, शनिवार, 27 मार्च 2021 (13:50 IST)
मुंबई। मुंबई में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को लेकर इंस्पेक्टर दया नायक का नाम हाई प्रोफाइल मनसुख हिरेन हत्या मामले में एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार करके गुत्थी सुलझाने में अहम किरदार के रूप में सामने आया है।
 
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के अनुसार दया नाइक और उनकी टीम ने पूर्व कांस्टेबल विनायक शिन्दे और नरेश गोर को गिरफ्तार करके इस अपराध के प्रयोग किए गए अनेक साक्ष्यों को बरामद किया जिनमें मोबाइल फोन एवं सिमकार्ड भी शामिल हैं।
 
एटीएस सूत्रों के अनुसार गोर क्रिकेट के बल्ले का कारोबार करता है और उसने ही सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे और शिन्दे को सिमकार्ड दिए थे। शिन्दे पैरोल पर बाहर था और वाजे से संपर्क में था। इन दोनों अभियुक्तों को 30 मार्च तक एटीएस की रिमांड में भेजा गया है।
 
इस मामले को सुलझाने वाली टीम को बधाई देते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवदीप लांडे ने कहा है कि यह उपलब्धि सहयोगियों की दिन-रात की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे पुलिस करियर के सबसे जटिल मामलों में से एक था।
 
लांडे ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि वह दिन-रात मेहनत करके मनसुख हत्याकांड को सुलझा लेने और उनके परिजनों को न्याय दिलाने में मदद करने वाले अपने सहयोगियों को बधाई देते हैं। अतिसंवेदनशील मनसुख हत्या मामले का खुलासा कर लिया गया है।
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गौरतलब है कि ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन की हत्या मामले में एटीएस ने फर्जी मुठभेड़ मामले के दोषी पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे और क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गोर को गत रविवार को गिरफ्तार किया था। मनसुख की हत्या करके शव कालवा क्रीक के निकट फेंक दिया गया था।
 
मनसुख का शव पांच मार्च को मिला था, उसके लापता होने की शिकायत परिजनों ने उसी दिन सुबह ही दर्ज कराई थी। मनसुख उस कार का मालिक रह चुका था जो उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के निकट पाई गई थी। उस कार में विस्फोट सामग्री बरामद की गई थी। 
 
कौन हैं दया नायक : दया ‍नायक की गिनती मुंबई के शीर्ष एनकाउंटर स्पेशलिस्टों में होती हैं। करीब 80 एनकाउंटर उनके नाम दर्ज हैं। पुलिस में भर्ती होने के शुरुआती साल में ही दया ने लिट्‍टे (LTTE) के तीन बदमाशों को मार गिराया था। सादिक कालिया, श्रीकांत मामा, रफीक डिब्बे वाला, परवेज सिद्दीकी आदि गुंडों का एनकाउंटर भी दया के नाम ही दर्ज है। दया के जीवन पर 'अब तक छप्‍पन' और 'दया नायक : लाइसेंस टू किल' जैसी फिल्‍में भी बनाई जा चुकी हैं। 
 

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