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असम के CM की मुसलमानों से अपील- गरीबी की वजह जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि, करें फैमिली प्लानिंग

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शुक्रवार, 11 जून 2021 (01:24 IST)
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गरीबी कम करने के उद्देश्य से जनसंख्या नियंत्रण के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से ‘उचित परिवार नियोजन नीति’ अपनाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के 30 दिन पूरे होने के मौके पर कहा कि समुदाय में गरीबी कम करने में मदद के लिए सभी पक्षकारों को आगे आना चाहिए और सरकार का समर्थन करना चाहिए। गरीबी की वजह जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि है।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी गरीब लोगों की संरक्षक है लेकिन उसे जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे से निपटने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के सहयोग की आवश्यकता है। जनसंख्या वृद्धि गरीबी, निरक्षरता मुख्य वजह है और यह उचित परिवार नियोजन की कमी के कारण है। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को शिक्षित करने की दिशा में काम करेगी ताकि इस समस्या से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।
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राज्य के तीन जिलों में कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने के हालिया कदम का उल्लेख करते हुए सरमा ने कहा कि सरकार मंदिर, सत्रों और वन भूमि का अतिक्रमण नहीं करने दे सकती। मुख्यमंत्री ने समुदाय के नेताओं से आत्मावलोकन करने और लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया।
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बरपेटा से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने बुधवार को ट्वीट में कहा कि उन्होंने गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया से अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया है और दावा किया कि यह अदालत के उस आदेश का उल्लंघन है जिसमें कहा गया था कि महामारी के दौरान कोई बेदखली या तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

वर्ष 2011 में की गई जनगणना के अनुसार असम की 3.12 करोड़ आबादी में 34.22 प्रतिशत मुसलमान हैं तथा कई जिलों में वे बहुसंख्यक हैं। वहीं, ईसाई 3.74 प्रतिशत और सिख, बौद्ध तथा जैन समुदायों की आबादी 1 प्रतिशत से भी कम है।(भाषा)

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