Publish Date: Fri, 17 Aug 2018 (16:42 IST)
Updated Date: Fri, 17 Aug 2018 (16:48 IST)
जींद। हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपने सहयोगियों का खासा ख्याल रखते थे। उनकी हर परेशानी को दूर करने के लिए तत्पर रहते थे। कई बार ऐसा भी हुआ कि सहयोगी ने सामान्य तौर पर उनके सामने परेशानी का जिक्र किया और उन्होंने उसे बिना बताए ही हल कर दिया। 1980 के दशक में प्रचार के दौरान रामबिलास शर्मा की मुश्किलों को देखते हुए वाजपेयीजी ने बिना बताए उन्हें अपनी जीप भेंट कर दी थी।
शर्मा के अनुसार, वर्ष 1980 के दशक में वाजपेयी का ‘थैली भेंट’ कार्यक्रम चल रहा था। भाजपा के संगठन की मजबूती के लिए लोगों से चंदा एकत्रित किया जा रहा था। 20 अक्टूबर 1980 को वाजपेयी ने रेवाड़ी के मोती चौक, नारनौल की आईटीआई और महेंद्रगढ़ शहर में एक साथ तीन रैलियां कीं।
रेवाड़ी में रैली के संयोजक ओपी ग्रोवर और नारनौल रैली के संयोजक मुकुट बिहारी ने 22-22 हजार रुपए की थैलियां वाजपेयी को दीं। वहीं रामबिलास शर्मा ने महेंद्रगढ़ से एक लाख रुपए की थैली वाजपेयी को भेंट की थी। रैली के बाद वाजपेयी ने रामबिलास के कार्यालय का भी दौरा किया।
कार्यालय में बातचीत के दौरान वाजपेयी ने जब रामबिलास से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे मोटरसाइकल से ही पार्टी का प्रचार करते हैं। वाजपेयी उस समय तो कुछ नहीं बोले, लेकिन तीन दिन बाद उन्होंने अपनी निजी जीप रामबिलास के लिए भेज दी।
इस जीप का नंबर यूपी क्यू-2056 था। रामबिलास वर्षों तक हरियाणा में संघ प्रचारक के रूप में इसी जीप से सफर करते रहे। फिलहाल जीप बेहद पुरानी हो चुकी है और सड़क पर चलने योग्य नहीं है, लेकिन ऐसे में इस जीप के नंबर को रामबिलास शर्मा ने फिर से संजोने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि यह जीप ऐसे समय पर मुझे मिली, जब मैं मोटरसाइकल पर संघ के प्रचारक के तौर पर काम करता था। इसके साथ पूर्व प्रधानमंत्री की यादें जुड़ी हुई हैं। (भाषा)