Publish Date: Fri, 25 May 2018 (14:59 IST)
Updated Date: Fri, 25 May 2018 (15:05 IST)
अमृतसर। पंजाब प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में बेरोजगार जहां एक-एक नौकरी के लिए तरस रहे हैं वहीं राज्य के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद मंत्री बनने के बाद अपनी पत्नी और बेटे की भी उच्च पदों पर नियुक्ति करा कर अपने परिवार में ही नौकरियां बांटने का काम किया है।
जोशी ने कहा कि सिद्धू ने मंत्री बनने के बाद अपनी पत्नी को एक अहम विभाग का चेयरमैन लगवाया और अब अपने बेटे करणवीर सिद्धू की सहायक महाधिवक्ता (एएजी) पद पर नियुक्ति करा कर वह अपने ही परिवार में नौकरियां समेटने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने हर घर में नौकरी देने का वादा किया था। यहां तक कि कांग्रेस के लिए कड़ी मेहनत करने वाले काबिल नेता और कार्यकर्ता कोई जिम्मेदारी या पद मिलने की आस में सरकार का मुंह देख रहे हैं। लेकिन किसी और को मौका देना तो दूर एक ही घर में नौकरियां बांटी जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू ने ऐसा करके राज्य की जनता के साथ धोखा किया है। राज्य का विकास तो दूर वह अपना ही विकास करने में लगे हुए हैं और बेनकाब हो चुके हैं।
उधर, भाजपा के अमृतसर जिलाध्यक्ष राजेश सैनी ने यहां अपने एक बयान में कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार बेरोजगार युवाओं को नौकरियां तो नहीं दे सकी लेकिन सिद्धू परिवार के तीन लोगों को उच्च पदों पर आसीन कर उन्हें रोजगार अवश्य दे दिया है। उन्होंने कहा कि सिद्धू की पत्नी पंजाब भंडारण निगम की चेयरमैन लग चुकी हैं और अब पुत्र को एएजी नियुक्त किया है।
सैनी ने दावा किया कि अपनी ईमानदारी और नैतिकता की दुहाई देने वाले सिद्धू की बेटी विदेश से वापिस आकर राजनीति में उतरने की इच्छा जाहिर कर चुकी है और उन्हें पूरा यकीन है कि आने वाले दिनो में वह अपनी बेटी को भी रोजगार दिलाने में शतप्रतिशत सफल होंगे और सिद्धू परिवार बेरोजगारी से मुक्त हो जाएगा। (वार्ता)