Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

कश्मीर में आतंकियों की लिस्ट में टॉप पर हैं भाजपा नेता, 2 सालों में 2 दर्जन से अधिक की हत्या

webdunia
webdunia

सुरेश एस डुग्गर

शुक्रवार, 4 जून 2021 (10:13 IST)
जम्मू। कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आतंकियों की टॉप लिस्ट में हैं। यह इसी से स्पष्ट होता है कि पिछले 2 सालों में आतंकियों ने कश्मीर में 2 दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं को मौत के घाट उतारा है।

यूं तो आतंकी कश्मीर में राजनीतिज्ञों को आतंकवाद के शुरू से ही निशाना बनाते आए थे, पर अब उनके निशाने पर सिर्फ भाजपा नेता हैं जिनके दल को वे कश्मीर के वर्तमान हालात के लिए जिम्मेदार मानते हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन 32 सालों में कश्मीर में 1,500 से अधिक राजनीतिक कश्मीर में मारे जा चुके हैं। और इसी प्रकार 2 सालों में 2 दर्जन से अधिक भाजपा नेता भी मारे गए। 5 अगस्त 2019 को धारा 370 हटाए जाने के बाद भाजपा नेताओं को निशाना बनाना आरंभ हुआ तो 10 जून 2020 को आतंकी भाजपा के सरपंच अजय पंडिता को मारने में कामयाब हुए थे।

 
अजय पंडिता की हत्या से आतंकियों ने एक ही तीर से दो निशाने लगाए थे। एक तो भाजपा कार्यकर्ताओं में दहशत फैलाई थी और दूसरा कश्मीरी पंडित समुदाय की कश्मीर वापसी पर पानी फेर दिया था। इसके बाद तो यह सिलसिला थमा ही नहीं। 8 जुलाई 2020 को बांडीपोर में आतंकियों ने भाजपा नेता वसीम बारी को उनके पिता बशीर अहमद और भाई उमर सुल्तान संग उनके घर में ही शहीद किया था। वसीम के पिता और भाई भी भाजपा के कार्यकर्ता थे। इसके लगभग 1 माह बाद 9 अगस्त 2020 को ओमपोरा बड़गाम में भाजपा नेता अब्दुल हमीद नजार आतंकी हमले में शहीद हुए।
 
बडगाम में अब्दुल हमीद नजार की हत्या से 3 दिन पहले 6 अगस्त को वेस्सु काजीगुंड में भाजपा से संबंधित एक सरपंच सज्जाद अहमद खांडे आतंकी हमले में शहीद हुए थे। इसके बाद 23 सितंबर 2020 को बडगाम में भाजपा समर्थित ब्लॉक विकास परिषद चेयरमैन स. भूपेंद्र सिंह को आतंकियों ने उनके घर के बाहर शहीद कर दिया था।
 
29 अक्टूबर 2020 को कुलगाम में भाजपा के 3 कार्यकर्ताओं फिदा हुसैन यत्तु, उमर रशीद बेग और उमर रमजान हज्जाम को आतंकियों ने अगवा कर शहीद किया था। गत 29 मार्च को सोपोर में भाजपा से संबंधित 2 काउंसलर आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। और अब उन्होंने राकेश पंडिता को मौत के घाट उतारकर भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने का काम किया है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

राहुल गांधी ने किया LGBT कम्युनिटी का समर्थन, कहा- LOVE is LOVE