Publish Date: Sat, 15 Mar 2025 (22:57 IST)
Updated Date: Sat, 15 Mar 2025 (23:02 IST)
Gold smuggling case : राजस्व खुफिया निदेशालय ने अदालत में कहा है कि कर्नाटक पुलिस प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े सोना तस्करी गिरोह में किया गया था। रान्या को जमानत देने के खिलाफ अपनी दलील में केंद्रीय एजेंसी ने आर्थिक अपराधों के लिए विशेष अदालत को बताया कि आरोपी ने इस साल जनवरी से 27 बार दुबई की यात्रा की थी। रान्या डीजीपी रैंक के अधिकारी के रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं। वह कर्नाटक राज्य पुलिस आवास और बुनियादी ढांचा विकास निगम के प्रबंध निदेशक हैं।
डीआरआई ने कहा, अब तक की जांच में सोने की तस्करी में इस्तेमाल की गई परिष्कृत कार्यप्रणाली, सुरक्षा को दरकिनार करने के लिए राज्य पुलिस प्रोटोकॉल अधिकारी का इस्तेमाल, सोना खरीदने के लिए भारत से दुबई में धन स्थानांतरित करने के लिए हवाला लेनदेन और बड़े गिरोह की संलिप्तता का पता चला है। इन दलीलों के बाद अदालत ने शुक्रवार को रान्या को जमानत देने से इनकार कर दिया।
आर्थिक अपराधों के लिए विशेष अदालत की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश विश्वनाथ सी. गौड़र ने डीआरआई की दलीलों पर गौर किया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, इस मामले में, आरोपी नंबर एक (रान्या) के पास संयुक्त अरब अमीरात का निवासी पहचान पत्र होना और जनवरी 2025 से 27 मौकों पर दुबई की यात्रा करने का इतिहास होना एक अन्य कारक है, जो अदालत को आरोपी को जमानत देने की विवेकाधीन राहत देने के लिए प्रेरित नहीं करता है।
डीआरआई ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच जारी है। इसमें कहा गया कि रान्या ने हिरासत में जांच के दौरान सहयोग नहीं किया। अदालत ने अपने आदेश की प्रति में कहा, यह भी विशेष रूप से तर्क दिया गया है कि अपराध संज्ञेय, गैर जमानती है और इसके लिए सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान हैं।
दुबई से आने पर तीन मार्च को यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या से 12.56 करोड़ रुपए मूल्य की सोने की बिस्किट जब्त की गई, जिसके बाद उनके आवास की तलाशी ली गई और अधिकारियों ने कहा कि 2.06 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए गए। डीआरआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई भी मामले की एकसाथ जांच कर रही हैं। (भाषा) (File Photo)
Edited By : Chetan Gour