Publish Date: Sat, 02 Dec 2017 (19:40 IST)
Updated Date: Sat, 02 Dec 2017 (20:00 IST)
अवनीश कुमार
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के निकाय चुनाव के नतीजे बेहद चौंकाने वाले सामने आए हैं। एक तरफ जहां बड़े-बड़े राजनीति के जानकार भाजपा की सीधी टक्कर कांग्रेस व सपा से बता रहे थे तो वहीं नतीजे इसके उलट आए हैं और भाजपा को कई जगहों पर सीधी टक्कर किसी और से नहीं, बल्कि बहुजन समाज पार्टी से मिली है।
नगर निकाय के चुनाव ने संजीवनी का काम करते हुए बहुजन समाज पार्टी को फिर से खड़ा कर दिया है। शानदार प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा व चुनौती देते हुए कहा है कि अगर वह ईमानदार और लोकतंत्र में विश्वास रखती है तो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ईवीएम को हटा बैलेट पेपर पर करवाए। वे यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग व चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद बहुजन समाज पार्टी जीत दर्ज कराने में सफल रही है।
इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए पार्टी के प्रदर्शन पर कहा कि दलित समुदाय के अलावा समाज के सवर्ण और पिछड़े वर्गों ने भी बहुजन समाज पार्टी को समर्थन दिया और यह बहुजन समाज पार्टी के लिए अच्छे व शुभ संकेत हैं और साथ ही साथ समाज के मुस्लिम तबके का समर्थन भी बहुजन समाज पार्टी को हासिल हुआ है। बताते चलें कि नगरीय निकाय के चुनाव में 16 नगर निगमों में से 14 पर बीजेपी ने कब्जा किया है और 2 पर बहुजन समाज पार्टी ने जीत दर्ज की है।