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सिया के प्रेमी चेतन का होगा गेट एनालिसिस, आखिर क्या होता है यह टेस्ट और इस मामले में क्यों जरूरी है?

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Chetan Chaudhary Gait Analysis
Chetan Chaudhary Gait Analysis Test: लोनावला के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 18 जून को हुए रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को एक नया और बेहद वैज्ञानिक मोड़ दे दिया है। पुलिस ने अब मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का 'गेट एनालिसिस' (Gait Analysis यानी चाल विश्लेषण) टेस्ट कराने का फैसला किया है। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध और आरोपी चेतन की पहचान को कानूनी रूप से पक्का किया जाएगा। वहीं, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है।

क्या होता है गेट एनालिसिस और इस मामले में क्यों जरूरी है?

सरल शब्दों में कहें तो 'गेट एनालिसिस' किसी व्यक्ति के चलने, दौड़ने या शारीरिक गतिविधियों के तरीके का एक वैज्ञानिक और बायोमैकेनिकल अध्ययन है। जिस तरह हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट्स (उंगलियों के निशान) अलग होते हैं, उसी तरह हर इंसान के चलने का अंदाज (कदमों की लंबाई, रीढ़ की मुद्रा, और हाथ-पैरों की गति का तालमेल) भी विशिष्ट होता है। ALSO READ: केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
 
इस मामले में यह टेस्ट इसलिए सबसे बड़ा हथियार बनने जा रहा है क्योंकि वारदात वाले दिन (18 जून) लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया था। भीषण गर्मी के बावजूद उस व्यक्ति ने हुडी (चेहरा छिपाने वाली कैप वाली शर्ट) पहनी हुई थी, जिससे उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा है। पुलिस का पूरा दावा है कि वह संदिग्ध कोई और नहीं बल्कि सिया का प्रेमी चेतन चौधरी ही था।

क्राइम सीन का होगा रिक्रिएशन

केस को अदालत में अकाट्य बनाने के लिए पुलिस अब एक अनोखा कदम उठाने जा रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, चेतन चौधरी को ठीक उसी तरह की हुडी पहनाकर लोहागढ़ किले के उसी रास्ते पर चलाया जाएगा, जहां का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास है। इस दौरान चेतन के चलने के तरीके का एक नया वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट्स पुराने सीसीटीवी फुटेज और इस नए वीडियो का डिजिटल मिलान करेंगे। यदि दोनों वीडियो में चलने का पैटर्न, कदमों की दूरी और शारीरिक झुकाव मैच कर जाता है, तो यह कानूनी रूप से साबित हो जाएगा कि हुडी में छिपा चेहरा चेतन का ही था। ALSO READ: केतन से क्यों नफरत करती थी सिया? पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा

अदालत में वकीलों को लेकर हाई-वोल्टेज ड्रामा

मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को अदालत परिसर में उस समय नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब वकीलों के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोपी सिया गोयल के अधिकारिक वकील विपुल दुशिंग ने अदालत में दलील दी कि उनकी मुवक्किल की गिरफ्तारी पूरी तरह से गैरकानूनी है और पुलिस के पास कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं चेतन के वकील राम शाहणे ने दावा किया कि एफआईआर में उनके मुवक्किल की भूमिका बहुत सीमित और अस्पष्ट है।
 
इसी बीच, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने अचानक अदालत में सिया के हस्ताक्षर वाला वकालतनामा पेश करते हुए दावा किया कि वे उसका केस लड़ेंगे। हालांकि, आरोपी सिया गोयल और उसके परिवार ने तुरंत इस पर आपत्ति जताते हुए साफ कर दिया कि विपुल दुशिंग ही उनके असली कानूनी प्रतिनिधि हैं।

हादसा या सोची-समझी हत्या?

पुणे के आलीशान 'लोढ़ा बेलमोंडो' में रहने वाले केतन अग्रवाल अपनी पारिवारिक कंपनी 'सक्सेस ग्रुप' के निदेशक थे। इसी साल फरवरी में उनका विवाह सिया गोयल से तय हुआ था और नवंबर में उदयपुर में शाही शादी होने वाली थी। दोनों के परिवार एक ही व्यापारिक क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। 18 जून को सिया के जन्मदिन के मौके पर दोनों लोनावला के पास लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के लिए गए थे। वहां से केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने के लिए इस पूरी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। ALSO READ: सिया गोयल का वो खौफनाक कबूलनामा और बेकरी-ड्राई फ्रूट्स वाले इश्क की इनसाइड स्टोरी!

और किस काम आता है गेट एनालिसिस?

इस टेस्ट में डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट केवल आपको चलते हुए देखकर आपके चलने के पैटर्न, पैरों की स्थिति और बॉडी बैलेंस को नोट करते हैं। इसमें व्यक्ति के शरीर पर विशेष सेंसर या मार्कर्स लगाए जाते हैं। फिर उसे एक खास ट्रेडमिल या वॉकवे (जिसमें प्रेशर पैड लगे होते हैं) पर चलाया जाता है। आस-पास लगे हाई-स्पीड कैमरे और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पैरों की मूवमेंट, जोड़ों के एंगल और जमीन पर पड़ने वाले दबाव का एक 3D मॉडल तैयार करते हैं। यदि किसी को बिना किसी स्पष्ट कारण के पीठ, कूल्हे, घुटने या टखने में लगातार दर्द रहता है, तो यह टेस्ट बताता है कि आपके चलने के गलत तरीके (जैसे पैर अंदर या बाहर की तरफ मोड़कर चलना) के कारण ऐसा हो रहा है।

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