Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

MP : इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर नदी में गिरी यात्री बस, 2 की मौत, 23 घायल

हमें फॉलो करें webdunia
मंगलवार, 13 सितम्बर 2022 (19:40 IST)
खण्डवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे नाले में गिर जाने से इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और 23 लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार इंदौर-इच्छापुर स्टेट हाईवे 27 पर सनावद और धनगांव के बीच में यह हादसा हुआ है। अब तक 2 यात्रियों की मौत की सूचना है।
 
एसपी विवेक सिंह और कलेक्टर अनूप कुमार सिंह भी घटनास्थल पहुंचे। बस खंडवा से इंदौर जा रही थी। एसपी के अनुसार घटना की जानकारी मिलने के बाद मदद के लिए पुलिस बल और रेस्क्यू टीम को तुरंत रवाना कर दिया गया। घटनास्थल पर 10 एम्बुलेंसें पहुंचाई गई हैं। घायलों को सनावद के अस्पताल लाया गया है।
 
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के नदी में गिरने की सूचना के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण किनारे से नदी में उतरे और लोगों को बाहर निकालने में मदद की। बस के नदी में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि नदी में पानी कम था। इससे यात्रियों को संभलने का मौका मिल गया।
 
यात्रियों ने बस का दरवाजा खोला और बाहर निकले। ग्रामीणों ने यात्रियों को रस्सी के सहारे बाहर निकलने में मदद की। हादसे की सूचना के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई है। इधर हादसे की सूचना के बाद यात्रियों के परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
 
हादसे की वजह बारिश से रोड पर फिसलन बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नदी से पुल की ऊंचाई करीब 10 फीट है। बस ड्राइवर ने सामने से आ रही गाड़ी को साइड देने के लिए रास्ता दिया, इसी दौरान बस पुलिया से नदी में जा गिरी। हादसे में खंडवा के दौड़वां हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक राधा वर्मा की मौत हो गई। इसी स्कूल के शिक्षक त्रिलोकचंद भी हादसे में घायल हुए हैं।
 
हादसे के बाद खंडवा-इंदौर के बीच यातायात को रोक दिया गया है। घायलों को ले जाने के लिए रोड को क्लीयर किया गया है। दोनों और करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। बताया जा रहा है कि बस में करीब 30 यात्री सवार थे। 23 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं।(वार्ता)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

ज्ञानवापी के फैसले का अयोध्या के साधु-संतों ने किया स्वागत, बताया ऐतिहासिक