चुनावी रंजिश के चलते हुई थी पत्रकार की हत्या

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में हुई पत्रकार नवीन गुप्ता की हत्या सुपारी किलर द्वारा की गई थी। सुपारी किलर को मैनपुरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारे की गिरफ्तारी पर कानपुर से गई पुलिस टीम ने पूछताछ में चुनावी रंजिश में पत्रकार हत्या का खुलासा हुआ है। हत्या अभियुक्त के कानपुर लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


कानपुर नगर जनपद के एक प्रतिष्ठित दैनिक अखबार के बिल्हौर तहसील संवाददाता नवीन गु्प्ता की नगर निकाय चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले 30 नवंबर की देर शाम कस्बे में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई थीं। जिसके बाद से पत्रकारों, अधिवक्ताओं व सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री से जल्द घटना के खुलासे की मांग कर विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन पुलिस को हत्याकांड के खुलासे में करीब चार माह का समय लग गया और मैनपुरी पुलिस ने शनिवार को कन्नौज निवासी सुपारी किलर हत्यारे राजू बहेलिया को धर दबोचा।

घटना वाले दिन राजू अपने एक अन्य साथी के साथ बाइक से बिल्हौर पहुंचा और तीसरा साथी बस से बिल्हौर आया था। राजू और नरेंद्र यादव ने रिवाल्वर से गोली मारी थी। उसने यह भी बताया कि चुनावी रंजिश में गोलू यादव ने हत्या कराई थी। 29 नवंबर को गोलू ने ही नवीन की पहचान कराई थी। मैनपुरी के अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने फोन पर बताया कि पत्रकार नवीन गुप्ता हत्यारा राजू बहेलिया कोर्ट में समर्पण के फिराक में था।

मुखबिर की सटीक सूचना पर भोगांव में पुलिस ने उसे धर दबोचा। आरोपी ने पत्रकार हत्या की बात कबूल ली है। वहीं कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार मीणा ने फोन पर बताया कि पुलिस टीम को भेज दिया गया है और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि चुनावी रंजिश में बिल्हौर के गोलू यादव उर्फ पंकज ने 2.50 लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी थी। पचास हजार रुपए भुगतान कर दिए थे। जिसके बाद सुपारी किलर राजू बहेलिया ने दो साथियों के साथ घटना को अंजाम दिया था। कानपुर पुलिस वारंट के जरिए हत्यारोपी को कानपुर लाने का प्रयास कर रही है।

गौरतलब है कि कानपुर नगर के बिल्हौर तहसील संवाददाता नवीन गु्प्ता की 30 नवंबर की देर शाम कस्बे में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद पुलिस ने राजू बहेलिया को हिरासत में लिया था, लेकिन हत्या की वजह साफ नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया था। पुलिस के चंगुल से छूटा कन्नौज निवासी राजू बहेलिया फरार हो गया। कानपुर पुलिस ने पचास हजार तथा कन्नौज पुलिस ने एक मामले में 25 हजार का इनाम घोषित किया था। 

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