Publish Date: Sun, 18 Aug 2019 (18:07 IST)
Updated Date: Sun, 18 Aug 2019 (18:12 IST)
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर इसलिए रखा गया है, क्योंकि बताया जा रहा है कि कुछ आतंकी उस पार से घुसने में कामयाब हुए हैं, जो फिदायीन हमलों को अंजाम दे सकते हैं। अधिकारियों के बकौल, उनके निशाने पर जम्मू-पठानकोट हाईवे पर स्थित सैनिक संस्थानों के साथ ही इंटरनेशनल बॉर्डर के साथ-साथ गुजरने वाली रेल लाइन भी है।
अधिकारी यह बताने में असमर्थता जाहिर करते थे कि घुसने वाले आतंकी कितनी तादाद में हैं? पर वे कहते थे कि कई दल एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करने में उस समय कामयाब रहे, जब पाक सेना ने उन्हें कवर फायर दिया। पिछले कई दिनों से एलओसी पर पाक सेना द्वारा किए जाने वाले संघर्षविराम उल्लंघन को कवर फायर के तौर पर लिया जा रहा है।
हालांकि जम्मू सीमा पर फिलहाल फायरिंग की कोई घटना नहीं हुई है, पर बरसात के कारण उन नदी-नालों के इलाकों से तारबंदी को पहुंचे नुकसान का लाभ आतंकियों ने उठाया है जिन्हें पाक रेंजर पिछले कई दिनों से अग्रिम ठिकानों पर ले आए थे। बीएसएफ अधिकारियों का कहना था कि 5 अगस्त से ही इंटरनेशनल बॉर्डर के पार वाले पाक सैन्य ठिकानों पर नागरिकों की आवाजाही बढ़ी थी, जो दरअसल आतंकी ही हैं।
अधिकारी कहते थे कि मिलने वाली सूचनाएं कहती हैं कि घुसने वाले आतंकी जम्मू में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर सैन्य संस्थानों के अतिरिक्त इंटरनेशनल बॉर्डर के साथ-साथ चलने वाली जम्मू-पठानकोट रेल लाइन को निशाना बना सकते हैं जबकि कश्मीर में भी घुसपैठ कर चुके आतंकी सैन्य संस्थानों को निशाना बनाने का इरादा लिए हुए हैं।
अधिकारी दावा करते थे कि हमलों को रोकने की खातिर हाईवे पर गश्त को बढ़ाया गया है तथा नाके स्थापित किए जा रहे हैं जबकि रेल लाइन की सुरक्षा की खातिर अतिरिक्त जवानों को तैनात किया जा रहा है। जानकारी के लिए अतीत में ऐसे ही दावों के बीच आतंकी कई बार हमलों को अंजाम देकर बीसियों बेकसूरों को मौत के घाट उतारने में कामयाब रहे हैं।