Publish Date: Fri, 10 Nov 2017 (15:37 IST)
Updated Date: Fri, 10 Nov 2017 (15:39 IST)
अजमेर। राजस्थान में अजमेर शहर के दरगाह थाना क्षेत्र में पिछले सात सालों से फर्जी कागजात के आधार पर रह रहे रोहिंग्या अमानुल्लाह को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
अमानुल्लाह की पहचान रोहिंग्या मुसलमान के रूप में हुई है। आरोपी की पहचान उस समय हुई जब पत्नी से झगड़ा होने के बाद उसकी पत्नी थाने में शिकायत लेकर पहुंची। दरगाह थाना सूत्रों के अनुसार पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार किया। जब उससे पूछताछ की गई तो वह म्यांमार का मूल निवासी निकला।
आरोपी के पास से भारत सरकार द्वारा जारी शरणार्थी का दस्तावेज मिला जिसके आधार पर वह कलकत्ता और उसके बाद जम्मू कश्मीर में भी शरणार्थी की जिंदगी गुजर बसर कर चुका है। लेकिन पिछले सात सालों से वह दरगाह क्षेत्र में शरणार्थी बना हुआ है और यहीं रहते उसने फर्जी कागजातों के आधार पर आधार कार्ड आदि तैयार करा लिए।
थाना पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ सभी दस्तावेज जब्त कर लिए और उससे पूछताछ कर रही है कि उसकी यहां रहते क्या गतिविधि रही। वह यहां किन लोगों के संपर्क में है। गौरतलब है कि रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर देश में चर्चा का माहौल आज भी गर्म है और ऐसे समय में गोपनीय तरीके से फर्जी कागजातों के आधार पर पकड़े गए उक्त आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा रही है।
उल्लेखनीय है कि गत माह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में किए गए जनसंवाद के दौरान की गई शिकायत पर मुख्यमंत्री ने दरगाह क्षेत्र से सात दिनों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़कर वापस वतन भिजवाने के निर्देश जिला कलेक्टर गौरव गोयल को दिए थे, लेकिन करीब एक माह होने के बावजूद इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी बीच, म्यांमार मूल के रोहिंग्या मुसलमान की गिरफ्तारी ने नया सवाल खड़ा कर दिया। (वार्ता)